एआई नहीं छीनेगा नौकरियां, बल्कि बदलेगा काम करने का अंदाज: आईआईएम काशीपुर में भविष्य के रोजगार पर मंथन

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प्राज इंडस्ट्रीज के योगेश खटाले बोले- मानवीय निर्णय क्षमता की अपनी अहमियत, वर्ष 2040 तक बदल जाएगा कार्यक्षेत्र का स्वरूप

काशीपुर (ऊधम सिंह नगर)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव के बीच नौकरियों के भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्राज इंडस्ट्रीज के योगेश खटाले ने महत्वपूर्ण विचार रखे। उन्होंने कहा कि एआई नौकरियां नहीं छीनेगा, बल्कि काम करने के पारंपरिक तरीकों को बदल देगा। तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद मानवीय सोच और निर्णय लेने की क्षमता का महत्व बना रहेगा।

यह विचार उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर में आयोजित वार्षिक एचआर कॉन्क्लेव ‘समन्वय 2026’ के दौरान व्यक्त किए। शनिवार, 31 अक्टूबर को आयोजित इस कॉन्क्लेव में देशभर के एचआर विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों ने भविष्य के रोजगार, तकनीकी बदलाव और कार्यस्थल की बदलती चुनौतियों पर चर्चा की।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र का विषय ‘बियॉन्ड द 9-टू-5: वर्ष 2040 तक रोजगार का स्वरूप क्या होगा?’ रहा। इस सत्र का संचालन ब्लैकरॉक के अमेय पचपुते ने किया। चर्चा में भविष्य के कार्यक्षेत्र में एआई की भूमिका, बदलती कार्यशैली और मानवीय क्षमताओं के महत्व जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य तेजी से बदलते व्यावसायिक माहौल में मानव संसाधन प्रबंधन की नई चुनौतियों और भविष्य की कार्यसंस्कृति को समझना रहा।