फर्जी टीसी के सहारे बनीं ग्राम प्रधान और आशा कार्यकत्री! हिमानी और पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज, RTI से हुआ खुलासा

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ग्राम पंचायत में निर्वाचित प्रतिनिधि के पद और सरकारी स्वास्थ्य सेवा से जुड़े दायित्व तक पहुंचने के लिए कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। सुनहेटी आलापुर गांव की ग्राम प्रधान हिमानी और उनके पति की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दोनों पर कथित तौर पर फर्जी स्थानांतरण प्रमाणपत्र (टीसी) तैयार कराने और उसका इस्तेमाल आशा कार्यकत्री तथा ग्राम प्रधान बनने के लिए करने का आरोप है। मामले में पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

RTI से सामने आया कथित फर्जीवाड़ा

जानकारी के अनुसार, इस मामले का खुलासा सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी के बाद हुआ। आरोप है कि ग्राम प्रधान हिमानी ने आशा कार्यकत्री के पद पर चयन और ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के रूप में कथित फर्जी स्थानांतरण प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किया था।

आरटीआई के माध्यम से प्रमाणपत्र से संबंधित जानकारियां जुटाई गईं, जिसके बाद दस्तावेजों की वैधता पर सवाल उठने लगे। मामले को लेकर संबंधित पक्ष की ओर से कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।

न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा

मामले में शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने ग्राम प्रधान हिमानी और उनके पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी सच्चाई

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान कथित स्थानांतरण प्रमाणपत्र की सत्यता, उसे जारी करने वाले संस्थान से संबंधित रिकॉर्ड और विभिन्न पदों के लिए उसके इस्तेमाल की परिस्थितियों की पड़ताल की जाएगी।

इस मामले ने ग्राम पंचायत के चुनावी दस्तावेजों और सरकारी पदों पर चयन के दौरान प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।