हल्द्वानी। उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम में हर साल उमड़ने वाली श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ के कारण लगने वाले जाम से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। भवाली सेनेटोरियम से कैंची धाम तक प्रस्तावित बाईपास सड़क निर्माण की योजना अब आगे बढ़ने की दिशा में है। लंबे समय से वन भूमि से संबंधित अड़चन के कारण रुका हुआ निर्माण कार्य अब केंद्रीय स्वीकृति मिलने के बाद गति पकड़ सकता है।
इस परियोजना के तहत करीब 10.5 किलोमीटर लंबी बाईपास सड़क का निर्माण किया जाना है। इसके लिए शासन की व्यय वित्त समिति ने लगभग 21.81 करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि, अभी धनराशि जारी करने से संबंधित शासनादेश का इंतजार है। शासनादेश जारी होते ही निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
वन भूमि की अड़चन दूर होने से खुला रास्ता
दरअसल, भवाली सेनेटोरियम से कैंची धाम तक बाईपास निर्माण की योजना पर पहले से काम चल रहा था, लेकिन वन भूमि से जुड़ी औपचारिकताओं और स्वीकृति नहीं मिलने के कारण परियोजना का काम अंतिम चरण में अटक गया था। इस वजह से सड़क निर्माण को आगे बढ़ाने में लगातार देरी हो रही थी।
अब केंद्रीय स्तर से आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना की सबसे बड़ी बाधाओं में से एक दूर हो गई है। वहीं, शासन की व्यय वित्त समिति से 21.81 करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
शासनादेश मिलते ही शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने हाल ही में आयोजित बैठक में परियोजना के लिए बजट प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फिलहाल शासनादेश जारी होने का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही शासनादेश प्राप्त होगा, टेंडर प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य प्रारंभ करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलेगी राहत
कैंची धाम में बाबा नीम करौली के दर्शन के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेष अवसरों, छुट्टियों और पर्यटन सीजन के दौरान भवाली से कैंची धाम तक सड़क पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। कई बार श्रद्धालुओं और पर्यटकों को लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ता है।
ऐसे में 10.5 किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण पूरा होने के बाद मुख्य मार्ग पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा भी अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, बाईपास परियोजना को मिली वित्तीय और केंद्रीय स्वीकृति नैनीताल जिले की यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें शासनादेश जारी होने और निर्माण कार्य शुरू होने पर टिकी हैं।





