रुड़की। उत्तराखंड में कांग्रेस की ओर से चलाए जा रहे ‘भूमि बचाओ अभियान’ को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी जिला रुड़की ने कांग्रेस के इस अभियान पर सवाल उठाते हुए इसे जनता को गुमराह करने वाला बताया है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस प्रदेश सरकार की भूमि संबंधी नीतियों को लेकर भ्रामक प्रचार कर रही है और राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
बुधवार को भाजपा जिला रुड़की की ओर से आयोजित प्रेसवार्ता में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कांग्रेस के अभियान को ‘झूठ का पुलिंदा’ करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस की राजनीति और उसके आरोपों को समझ चुकी है। उनके अनुसार, कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए इस तरह के अभियान चला रही है, जबकि जनता उसे पहले ही नकार चुकी है।
मदन कौशिक ने कहा कि कांग्रेस को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार पर सवाल उठाने से पहले अपने शासनकाल में हुए भूमि आवंटनों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कई ऐसे भूमि आवंटन हुए, जिन पर गंभीर सवाल उठे थे। उन्होंने विशेष रूप से नानीसार भूमि प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय 7.061 हेक्टेयर पंचायत भूमि को मात्र 1,200 रुपये वार्षिक किराये पर 30 वर्षों के लिए आवंटित किया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस आवंटन का विरोध करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए थे।
प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने धौलास भूमि विवाद का मुद्दा भी उठाया। इसके साथ ही सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं को भूमि आवंटन और टाटा मोटर्स-सिडकुल भूमि आवंटन जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस से इन पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को वर्तमान सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने के साथ-साथ अपने कार्यकाल में लिए गए फैसलों और भूमि आवंटन की प्रक्रिया का भी जवाब देना चाहिए।
सरकारी भूमि के उपयोग को लेकर भाजपा ने रखा पक्ष
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि भाजपा सरकार की नीति सरकारी भूमि को बेचने की नहीं, बल्कि उसका स्वामित्व सुरक्षित रखते हुए जनहित में बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने की है। उन्होंने दावा किया कि सरकार भूमि से जुड़े मामलों में सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और उनके उचित उपयोग को प्राथमिकता दे रही है।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के ‘भूमि बचाओ अभियान’ को राजनीतिक मुद्दा बताते हुए कहा कि प्रदेश की जनता के सामने तथ्यों को स्पष्ट किया जाना चाहिए। प्रेसवार्ता में पार्टी की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर जवाब देते हुए नानीसार, धौलास और अन्य भूमि आवंटन से जुड़े मामलों को भी चर्चा के केंद्र में रखा गया।
इस तरह भूमि आवंटन और सरकारी जमीन के उपयोग का मुद्दा एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, प्रेसवार्ता में लगाए गए आरोपों और कांग्रेस के अभियान के पीछे उठाए जा रहे सवालों पर दोनों पक्षों के तथ्यों और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा।





