अल्मोड़ा जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की छुट्टी से अल्ट्रासाउंड सेवा ठप, 25 से अधिक गर्भवती महिलाएं परेशान

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अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। अस्पताल में तैनात एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर होने के कारण अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा बुधवार को भी पूरी तरह ठप रही। इसका सबसे अधिक असर गर्भवती महिलाओं पर पड़ा। प्रत्येक बुधवार को गर्भवतियों के लिए निर्धारित अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो सकी, जिससे अस्पताल पहुंची महिलाओं को निराश होकर लौटना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, बुधवार को 25 से अधिक गर्भवती महिलाएं अल्ट्रासाउंड कराने की उम्मीद लेकर जिला अस्पताल पहुंची थीं। इनमें नगर क्षेत्र के साथ ही दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से आई महिलाएं भी शामिल थीं। महिलाओं को उम्मीद थी कि निर्धारित दिन पर उनकी जांच हो जाएगी, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उन्हें रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर होने की जानकारी मिली। इसके बाद कई महिलाओं को बिना जांच कराए ही वापस लौटना पड़ा।

बेस अस्पताल पहुंचीं महिलाएं, वहां भी नहीं मिली राहत

जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा बंद होने के बाद कुछ गर्भवती महिलाओं ने बेस अस्पताल का रुख किया। हालांकि, वहां पहले से ही मरीजों की काफी भीड़ होने के कारण उन्हें तत्काल जांच की सुविधा नहीं मिल सकी। अस्पताल में दबाव अधिक होने के चलते कई महिलाओं को अगले दिन आने की तारीख दे दी गई।

इस तरह एक अस्पताल में डॉक्टर के अवकाश पर होने और दूसरे अस्पताल में मरीजों की अधिक संख्या के कारण गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए भटकना पड़ा। जिन महिलाओं को समय पर जांच कराने की आवश्यकता थी, उन्हें अतिरिक्त इंतजार करना पड़ा।

ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंची महिलाओं की बढ़ी परेशानी

जिला अस्पताल में सुबह से ही नगर क्षेत्र के अलावा आसपास के ग्रामीण इलाकों से गर्भवती महिलाएं पहुंचने लगी थीं। कई महिलाएं लंबा सफर तय कर अस्पताल आई थीं। उन्हें उम्मीद थी कि बुधवार को निर्धारित अल्ट्रासाउंड जांच पूरी हो जाएगी और उन्हें बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

लेकिन रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर होने की सूचना मिलने के बाद उनकी परेशानी बढ़ गई। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं के लिए दोबारा अस्पताल पहुंचना भी आसान नहीं है। उन्हें आने-जाने में समय और अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। ऐसे में बिना जांच कराए वापस लौटना उनके लिए और मुश्किल साबित हुआ।

एक ही रेडियोलॉजिस्ट पर निर्भर स्वास्थ्य व्यवस्था

जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांच के लिए केवल एक रेडियोलॉजिस्ट की उपलब्धता व्यवस्था की बड़ी कमजोरी को उजागर करती है। डॉक्टर के अवकाश पर जाते ही पूरी सेवा प्रभावित हो जाती है। इसका सीधा असर उन मरीजों पर पड़ता है, जिन्हें नियमित रूप से जांच की आवश्यकता होती है।

विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए निर्धारित जांच का समय पर होना महत्वपूर्ण है। ऐसे में अस्पताल में वैकल्पिक व्यवस्था का अभाव स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर सवाल खड़े करता है।

अब जरूरत इस बात की है कि जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए दूसरे अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें। साथ ही गर्भवती महिलाओं की निर्धारित जांच प्रभावित न हो और उन्हें समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।