बागेश्वर। 17 दिन से लापता अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार का शव मिलने के बाद बुधवार को उनका अंतिम संस्कार सरयू-गोमती संगम पर किया गया। अंतिम विदाई के दौरान माहौल बेहद गमगीन रहा। परिवार के सदस्यों से लेकर रिश्तेदारों, परिचितों और वहां मौजूद लोगों की आंखें नम थीं। धीरेंद्र के असमय निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, इस घटना से सामाजिक और राजनीतिक हलकों में भी शोक की लहर है।
अंतिम संस्कार के दौरान मां नंदी देवी और पिता गोविंद सिंह बेटे को खोने के गम में बेसुध नजर आए। परिवार के लिए यह दुख सह पाना बेहद मुश्किल था। भाई पंकज परिहार और बहन दीक्षा का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा। अपने बेटे और भाई को अंतिम विदाई देते समय परिजनों का दर्द हर किसी को भावुक कर गया।
17 दिनों से लापता थे अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार
धीरेंद्र परिहार पिछले 17 दिनों से लापता थे। उनके लापता होने के बाद से परिवार के लोग उनकी तलाश और सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए थे। लेकिन शव मिलने की खबर ने परिवार की उम्मीदों को गहरे सदमे में बदल दिया। जिस परिवार को उनके लौटने का इंतजार था, उसे बुधवार को उन्हें अंतिम विदाई देनी पड़ी।
अंतिम विदाई में पसरा रहा शोक
सरयू-गोमती संगम पर अंतिम संस्कार के दौरान शोकाकुल माहौल रहा। धीरेंद्र के निधन से उनके परिवार, परिचितों और अधिवक्ता समुदाय में गहरा दुख है। एक अधिवक्ता की इस तरह मौत होने से क्षेत्र में भी घटना को लेकर शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।
धीरेंद्र परिहार के निधन ने उनके परिवार को ऐसी पीड़ा दी है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उनके परिजनों के लिए यह समय बेहद कठिन है।





