रुद्रप्रयाग। नगरासू गुरुद्वारे में शनिवार शाम से शुरू हुआ विवाद रविवार शाम करीब 27 घंटे बाद कुछ हद तक शांत हुआ। प्रशासन और निहंगों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद गुरुद्वारे में बंधक बनाए गए सेवादार को सुरक्षित रिहा कर दिया गया, जबकि एक निहंग भी तीसरी मंजिल से नीचे उतर आया। हालांकि देर शाम तक पांच निहंग अभी भी गुरुद्वारे के भीतर मौजूद थे और प्रशासन उनसे लगातार बातचीत कर रहा था।
जानकारी के अनुसार, शनिवार को हेमकुंड साहिब यात्रा पर आए कुछ निहंग सिख नगरासू गुरुद्वारे पहुंचे थे। इसी दौरान लंगर प्रबंधन को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और निहंगों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर सात निहंग गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर चढ़ गए और कथित रूप से दो लोगों को अपने कब्जे में ले लिया।
रविवार को जिला प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कई दौर की वार्ता की। शाम को हुई बातचीत के बाद निहंगों ने सेवादार नवतेज सिंह को छोड़ दिया और एक निहंग भी नीचे उतर आया। गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं की आवाजाही तथा अरदास और लंगर की व्यवस्था फिर से सामान्य रूप से शुरू हो गई।
कर्णप्रयाग प्रकरण में गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग
सूत्रों के अनुसार, निहंग कर्णप्रयाग प्रकरण में गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग पर अड़े हुए थे। इसी मांग को लेकर वे गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर डटे रहे।
सुरक्षा बल रहे तैनात
स्थिति को देखते हुए गुरुद्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस, आईटीबीपी, एटीएस समेत अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। एसपी नीहारिका तोमर सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने लगातार निहंगों से संपर्क बनाए रखा।
आईजी गढ़वाल ने कही यह बात
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि विवाद लंगर प्रबंधन के दौरान उत्पन्न हुआ था। उन्होंने कहा कि निहंगों का विवाद आम जनता या पुलिस से नहीं है और मामले को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं की जांच की जा रही है।
जिलाधिकारी ने अफवाहों से बचने की अपील की
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि नगरासू गुरुद्वारे में अरदास, लंगर और यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक खबरों पर ध्यान न देने की अपील की।
सांप्रदायिक रंग देने वालों पर होगी कार्रवाई
गृह सचिव शैलेश बगोली ने स्पष्ट किया है कि यह मामला दो पक्षों के बीच हुए विवाद से जुड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि घटना को सांप्रदायिक रंग देकर माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की विस्तृत जांच आईजी गढ़वाल को सौंपी गई है।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और शेष निहंगों से वार्ता जारी है।




