कराटे फेडरेशन विवाद का खामियाजा खिलाड़ियों को, एशियन गेम्स में अपना कोच ले जाने की अनुमति नहीं; सरकारी कोच पर भी संशय

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हल्द्वानी। कराटे फेडरेशन के बीच चल रहे विवाद का सीधा असर एशियन गेम्स के लिए चयनित भारतीय खिलाड़ियों की तैयारियों पर पड़ता नजर आ रहा है। हल्द्वानी के चेतन भट्ट और हरियाणा की अलीशा चौधरी को बार-बार गुहार लगाने के बावजूद अपने निजी कोच को साथ ले जाने की अनुमति नहीं मिली है। इतना ही नहीं, दोनों खिलाड़ियों के साथ सरकारी कोच जाएगा या नहीं, इसे लेकर भी अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है।

एशियन गेम्स शुरू होने में महज एक सप्ताह का समय बचा है और दोनों खिलाड़ियों को 15 सितंबर को रवाना होना है। ऐसे में कोच को लेकर बनी असमंजस की स्थिति ने खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है।

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84 और 55 किलो भारवर्ग में उतरेंगे चेतन और अलीशा

एशियन गेम्स में हल्द्वानी के चेतन भट्ट 84 किलोग्राम भारवर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, जबकि हरियाणा की अलीशा चौधरी 55 किलोग्राम भारवर्ग में चुनौती पेश करेंगी। दोनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए लंबे समय से तैयारी की है।

खिलाड़ियों का कहना है कि बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में कोच की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। मुकाबले के दौरान रणनीति बनाने से लेकर तकनीकी कमियों को समझने और मानसिक रूप से तैयार रखने तक कोच खिलाड़ियों के साथ अहम भूमिका निभाता है।

फेडरेशन की मान्यता का विवाद बना परेशानी की वजह

दरअसल, कराटे में अलग-अलग संगठनों की ओर से अपने-अपने नेशनल फेडरेशन होने का दावा किया जाता रहा है। फेडरेशन को लेकर चल रहे विवाद के कारण इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) ने किसी भी संगठन को आधिकारिक मान्यता नहीं दी है।

इसी मान्यता के विवाद का असर अब खिलाड़ियों की टीम व्यवस्था पर पड़ रहा है। खिलाड़ियों को अपने साथ निजी कोच ले जाने की अनुमति नहीं मिल पाई है। वहीं, सरकारी स्तर से कोच उपलब्ध कराया जाएगा या नहीं, इसकी जानकारी भी अभी तक सामने नहीं आई है।

खिलाड़ियों की तैयारी पर पड़ सकता है असर

प्रतियोगिता से ठीक पहले कोच को लेकर स्थिति स्पष्ट न होने से खिलाड़ियों की तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका है। खासतौर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबले में तकनीकी और रणनीतिक मार्गदर्शन के लिए खिलाड़ी अपने प्रशिक्षक पर निर्भर रहते हैं।

चेतन और अलीशा के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती प्रतियोगिता पर ध्यान केंद्रित रखने की है। खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों की ओर से IOA से लगातार अनुरोध किया जा रहा है कि कम से कम सरकारी कोच की व्यवस्था को लेकर स्थिति जल्द स्पष्ट की जाए।

एशियन गेम्स के लिए रवाना होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में कराटे फेडरेशन विवाद के बीच खिलाड़ियों को उनका कोच मिल पाएगा या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।