लालकुआं। कुमाऊं में बढ़ते यातायात के दबाव और आए दिन लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए दो महत्वपूर्ण बाईपास परियोजनाओं को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। लालकुआं बाईपास और हल्द्वानी-काठगोदाम बाईपास के निर्माण से स्थानीय आबादी को भारी वाहनों के दबाव से राहत मिलने के साथ ही क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
लालकुआं में बनेगा 7.2 किलोमीटर लंबा बाईपास
शहर को जाम से निजात दिलाने वाली प्रस्तावित लालकुआं बाईपास परियोजना को केंद्र से मंजूरी मिल गई है। परियोजना के तहत आबादी वाले हिस्से को बचाते हुए करीब 5.277 किलोमीटर नया मार्ग बनाया जाएगा। पूरी बाईपास परियोजना की लंबाई करीब 7.2 किलोमीटर होगी।
प्रस्तावित मार्ग को चार लेन में विकसित किया जाएगा। सड़क के दोनों ओर पक्के किनारे भी बनाए जाएंगे, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सके। बाईपास बनने के बाद भारी वाहनों को शहर के भीतर से गुजरने की जरूरत कम होगी और मुख्य बाजार व आबादी वाले क्षेत्रों पर यातायात का दबाव घटने की उम्मीद है।
हल्द्वानी-काठगोदाम को भी मिलेगी राहत
लालकुआं के साथ हल्द्वानी-काठगोदाम बाईपास परियोजना को भी मंजूरी मिली है। इस परियोजना को कुमाऊं के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे यातायात दबाव को कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
हल्द्वानी और काठगोदाम कुमाऊं के प्रमुख प्रवेश द्वार हैं। पर्वतीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहनों के साथ स्थानीय यातायात बढ़ने से इन क्षेत्रों में अक्सर जाम की स्थिति बनती है। बाईपास बनने के बाद बाहरी और भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलने से शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।
पर्यटन और कारोबार को भी मिलेगा फायदा
इन बाईपास परियोजनाओं का असर केवल जाम तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर सड़क संपर्क से कुमाऊं के पर्यटन, व्यापार और परिवहन व्यवस्था को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। पर्वतीय जिलों की ओर जाने वाले पर्यटकों और मालवाहक वाहनों के लिए आवागमन आसान हो सकता है।
खास तौर पर पर्यटन सीजन और त्योहारों के दौरान हल्द्वानी-काठगोदाम और लालकुआं में बढ़ने वाले यातायात को देखते हुए बाईपास परियोजनाएं महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
दोनों परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद कुमाऊं के इन प्रमुख शहरों में यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों को सबसे बड़ा फायदा शहर के भीतर भारी वाहनों की आवाजाही कम होने और जाम से राहत के रूप में मिल सकता है।




