उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन को मजबूत करेंगे ‘मंगल मित्र’, 7813 ग्राम पंचायतों में प्रशिक्षण की तैयारी

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महिला और युवक मंगल दलों को दिया जाएगा आपदा राहत एवं बचाव का प्रशिक्षण, स्थानीय स्तर पर सुरक्षा की पहली पंक्ति के रूप में करेंगे काम

अल्मोड़ा। उत्तराखंड सरकार प्रदेश की भूकंपीय संवेदनशीलता और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए आपदा प्रबंधन को माइक्रो लेवल पर मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके तहत ग्राम पंचायतों को इकाई मानकर महिला एवं युवक मंगल दलों को आपदा राहत एवं बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षित सदस्यों को ‘मंगल मित्र’ के रूप में तैयार किया जाएगा, जो आपदा के समय स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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ग्राम पंचायतों को बनाया जाएगा आधार

राज्य युवा कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री कुंदन लटवाल ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि उत्तराखंड भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। ऐसे में आपदा प्रबंधन को केवल जिला या राज्य स्तर तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय स्तर पर भी मजबूत करना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश की 7813 ग्राम पंचायतों में आपदा प्रबंधन की स्थानीय क्षमता को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायतों को इकाई मानकर महिला एवं युवक मंगल दलों को प्रशिक्षण देने की योजना है।

‘मंगल मित्र’ निभाएंगे अहम भूमिका

प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद मंगल दलों के सदस्य ‘मंगल मित्र’ के रूप में कार्य करेंगे। आपदा के समय ये सदस्य सुरक्षा की पहली पंक्ति के तौर पर स्थानीय लोगों की मदद करेंगे। उनका उद्देश्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में शुरुआती स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग करना होगा।

स्थानीय क्षमता मजबूत करने पर जोर

राज्य मंत्री के अनुसार, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित लोगों की उपलब्धता राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर सकती है। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार ग्राम पंचायतों तक आपदा प्रबंधन की क्षमता विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है।