कोटद्वार-पुलिंडा मार्ग पर रविवार शाम मचा हड़कंप, हाथियों को देखकर वाहन छोड़कर भागे लोग; करीब दो घंटे बाद जंगल में लौटा झुंड
कोटद्वार। कोटद्वार-पुलिंडा मार्ग पर रविवार शाम हाथियों के झुंड की अचानक आमद से अफरा-तफरी मच गई। जंगल से निकलकर सड़क पर पहुंचे हाथियों ने सैर करने आए लोगों को दौड़ा दिया। अपनी जान बचाने के लिए कुछ राहगीर दोपहिया वाहन मौके पर ही छोड़कर भाग गए। इस दौरान सड़क पर खड़े कई दोपहिया वाहन हाथियों की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे तक मार्ग पर मौजूद रहने के बाद हाथियों का झुंड वापस जंगल की ओर लौट गया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
अचानक सड़क पर पहुंचा हाथियों का झुंड
कोटद्वार-पुलिंडा मार्ग जंगल से सटा हुआ है। रविवार शाम लोग यहां सैर करने के लिए पहुंचे हुए थे। इसी दौरान जंगल से हाथियों का एक झुंड अचानक सड़क पर आ गया। हाथियों को सामने देखकर राहगीरों में हड़कंप मच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी चिंघाड़ते हुए लोगों के पीछे दौड़े। स्थिति बिगड़ती देख कई लोग अपने दोपहिया वाहन छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए। हाथियों के सड़क पर खड़े वाहनों के पास पहुंचने से लोग और अधिक घबरा गए।
कई दोपहिया वाहन हुए क्षतिग्रस्त
हाथियों के झुंड ने मार्ग पर खड़े दोपहिया वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के दौरान सड़क पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी व्यक्ति के घायल होने की पुष्टि नहीं की गई है।
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे तक हाथियों के सड़क पर रहने के बाद झुंड जंगल में लौट गया।
जंगल से सटे मार्ग पर आए दिन बनी रहती है हाथियों की धमक
कोटद्वार-पुलिंडा मार्ग जंगल से सटा होने के कारण यहां आए दिन हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर हाथियों के पहुंचने से राहगीरों और वाहन चालकों में भय का माहौल रहता है।
रविवार शाम की घटना ने एक बार फिर जंगल से सटे मार्गों पर वन्यजीवों की आवाजाही के दौरान उत्पन्न होने वाले खतरे को सामने ला दिया है। लोगों का कहना है कि ऐसे मार्गों पर हाथियों की मौजूदगी के दौरान विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है।
वन विभाग की मौजूदगी के बाद लौटे हाथी
घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद हाथियों के झुंड के जंगल की ओर लौटने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, वन विभाग की ओर से हाथियों की संख्या, वाहनों को हुए नुकसान और घटना के बाद की गई कार्रवाई का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।




