हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद शुद्धीकरण कराने का आरोप, इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो को लेकर भी शिकायत; अधिवक्ता अंजू की तहरीर पर पुलिस ने शुरू की जांच
हल्द्वानी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान के शुद्धीकरण और इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कथित भ्रामक वीडियो के मामले में पुलिस ने घटना के करीब 30 दिन बाद प्राथमिकी दर्ज की है। अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता अंजू की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एफआईआर दर्ज होने में हुई देरी को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठाती रही है।
खरगे के कार्यक्रम के बाद शुद्धीकरण का आरोप
पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, आठ अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का कार्यक्रम रामलीला मैदान में हुआ था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद 10 अगस्त को भाजपा से जुड़े कुछ लोगों ने मैदान का शुद्धीकरण कराया। इस दौरान के फोटो और वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किए गए।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खरगे के अनुसूचित जाति वर्ग से होने के कारण शुद्धीकरण का यह कृत्य जातिगत भेदभाव और अपमान की भावना से किया गया। इसके साथ ही इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो को लेकर भी शिकायत में आपत्ति दर्ज कराई गई है।
राज्यसभा से प्रेस कांफ्रेंस तक उठा मुद्दा
मामले में एफआईआर दर्ज न होने को लेकर कांग्रेस ने इसे लगातार मुद्दा बनाया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में इस विषय को उठाया था। इसके बाद राहुल गांधी ने भी प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से मामले पर सवाल उठाए थे। कांग्रेस का कहना रहा कि शिकायत के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।
अब पुलिस जांच में सामने आएंगे तथ्य
पुलिस ने अंजू की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में शुद्धीकरण कार्यक्रम से जुड़े लोगों, इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित फोटो और वीडियो तथा शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी। पुलिस जांच के बाद ही मामले में आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।




