रुद्रपुर में फर्जी दस्तावेजों से जाति-निवास प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप, तीन के खिलाफ केस

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रुद्रपुर। कूटरचित दस्तावेजों और कथित झूठे साक्ष्यों के आधार पर जाति एवं स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। तहसील प्रशासन की जांच में बिजली बिल, राशन कार्ड, भूमि पट्टा और खतौनी समेत कई दस्तावेजों की सत्यता संदिग्ध पाई गई। जांच के बाद संबंधित प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए गए हैं।

डीएम को मिली शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

राजस्व उप निरीक्षक अमित पांडेय की तहरीर के अनुसार, जिलाधिकारी को ई-मेल के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के बाद तहसीलदार रुद्रपुर के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई।

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जांच के दौरान सामने आया कि वार्ड नंबर 11, संजय नगर खेड़ा निवासी दीपांशु पुत्र कृष्ण ने कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर 18 अगस्त 2026 को जाति प्रमाण पत्र जारी कराया था।

बिजली बिल से लेकर भूमि अभिलेख तक संदिग्ध

तहसील स्तर पर हुई जांच में आवेदक की ओर से प्रस्तुत बिजली बिल, राशन कार्ड, भूमि का पट्टा और खतौनी समेत अन्य दस्तावेजों की सत्यता पर सवाल सामने आए। इसके बाद राजस्व टीम ने संबंधित पते का मौके पर सत्यापन भी किया।

सत्यापन के दौरान संबंधित पते पर आवेदक या उसका परिवार निवास करता हुआ नहीं मिला। जांच में दस्तावेजों और निवास संबंधी दावों में विसंगतियां सामने आने के बाद प्रशासन ने संबंधित जाति एवं स्थायी निवास प्रमाण पत्रों को निरस्त कर दिया।

तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी

जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब दस्तावेज तैयार करने, आवेदन प्रक्रिया और प्रमाण पत्र जारी होने से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।