छठवें राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के तहत हिस्सेदारी 10.5% से बढ़ाकर 12.5% करने का प्रस्ताव, अनुपूरक बजट में 721 करोड़ रुपये का प्रावधान
देहरादून। उत्तराखंड में शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि छठवें राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुसार स्थानीय निकायों की राज्य के कर राजस्व में हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसके लिए अनुपूरक बजट में 721 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने रविवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड प्रमुख संगठन के सम्मेलन में यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों को अधिक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने से गांवों और शहरों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। इससे पंचायतों और शहरी निकायों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाएं संचालित करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने पंचायतों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में अभी तक पंचायत भवन नहीं हैं, वहां चरणबद्ध तरीके से भवन निर्माण कराने का प्रयास किया जा रहा है। पंचायत भवन ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक गतिविधियों और विकास योजनाओं के संचालन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी अंत्योदय की भावना के साथ काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने से विकास प्रक्रिया को जमीनी स्तर पर और प्रभावी बनाया जा सकेगा।





