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Uttarakhand Garden Scam: सीबीआई जांच में आठ करोड़ से अधिक का घोटाला पाया गया, सब्सिडी देने में बड़ा खेल

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फलदार पौधों की खरीद-फरोख्त में आठ करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला उद्यान विभाग में पाया गया है। पौधों की दरों में मनमाने तरीके से बढ़ोतरी करके यह राशि इधर-उधर सब्सिडी के रूप में दी गई है। यही नहीं, दूसरे पैन कार्ड पर एक नया खाता खुला, जिसमें एकाएक लगभग सवा करोड़ रुपये जमा कर दिए गए। सीबीआई की जांच में बताया जा रहा है कि पूर्व निदेशक बवेजा और उनका एक नर्सरी चलाने वाला व्यक्ति इस पूरे घोटाले का आविष्कारक हैं। सीबीआई ने अब तीनों मामले में जांच शुरू कर दी है। इसके आधार पर अब कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

ध्यान दें कि एक सामाजिक कार्यकर्ता की कोशिश से राज्य में इस बड़े घोटाले का पता चला। मामले में स्थानीय स्तर पर भी एसआईटी बनाई गई, लेकिन हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच सौंप दी। सीबीआई ने प्राथमिक जांच करने के बाद दो दिन पहले पूर्व निदेशक एचएस बवेजा सहित पंद्रह नामजद अधिकारियों, कर्मचारियों और नर्सरी संचालकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर लिए। सीबीआई के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पूरा मामला लगभग आठ करोड़ रुपये का घोटाला है। इस धोखाधड़ी को कई तरीके से अंजाम दिया गया है। इसमें मुख्य रूप से पौधों की वास्तविक दरों में भारी वृद्धि की गई। इसके बाद सब्सिडी इसी तरह दी गईएक-एक नर्सरी को लाखों पौधों का ऑर्डर दिया गया।

इस तरह जिस नर्सरी को केवल 50 लाख रुपये का भुगतान होना था उसे नई दरों के हिसाब से एक करोड़ से सवा करोड़ रुपये तक का भुगतान हुआ। यही नहीं निम्न गुणवत्ता वाले जिन पौधों की दरें विभाग ने ही 150 रुपये तय की थी। उन्हें मनमाने तरीके से 465 रुपये प्रति पौधा की दर से खरीदा गया। इस तरह जम्मू कश्मीर की बरकत एग्रो फार्म नर्सरी को तीन गुना अधिक भुगतान किया गया। बताया जा रहा कि इस पैसे की बंदरबांट अधिकारियों के बीच की गई। यही नहीं तत्कालीन सीएचओ नैनीताल आरके सिंह ने फारुक अहमद डार और साजाद अहमद के साथ मिलकर एक और खेल खेला। इन्होंने सेब के पौधों की झूठी रसीद बनाई और 1.71 करोड़ रुपये नर्सरी को ट्रांसफर कर दिए गए।

बेटे के खाते में 17 लाख और खुद नकद लिए आरके सिंह ने 43 लाख

17 लाख रुपये 73 हजार पौधों की खरीद के लिए आरके सिंह के बेटे सुनील सिंह के खाते में एक्सिस बैंक में भेजा गया। परीक्षण में पता चला कि नैनीताल के सीएचओ आरके सिंह ने अपने बेटे के खाते में ही धन जमा किया था। साथ ही फारुक डार से ४३ लाख रुपये नकद भी प्राप्त किए गए। Singh को यह राशि कई बार दी गई। सूत्रों ने बताया कि पूर्व निदेशक एचएस बवेजा को भी इस राशि का एक बड़ा हिस्सा मिल गया था।

सीबीआई तैयार कर रही है संयुक्त रिपोर्ट
बृहस्पतिवार को सभी आरोपियों से सीबीआई ने पूछताछ की। इसके अतिरिक्त, इन सभी स्थानों पर छापे भी लगाए गए। इस दौरान सभी बैंक खातों और लॉकरों की जांच भी की गई। अब सभी टीमें बाहर से भी उत्तराखंड वापस आ गई हैं। अब सीबीआई एक संयुक्त रिपोर्ट बना रही है। बताया जा रहा है कि आरोपियों से कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। इस मामले में जल्द ही और भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।