हेमकुंड साहिब के कपाट आज होंगे बंद, 4,000 से अधिक श्रद्धालु बनेंगे ऐतिहासिक पल के साक्षी

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सेना बैंड की धुन और गुरबाणी कीर्तन के बीच संपन्न होगा इस वर्ष की यात्रा का समापन, पाकिस्तान से पहुंचा 40 सदस्यीय श्रद्धालुओं का जत्था भी शामिल

गोपेश्वर। उत्तराखंड के प्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब और लोकपाल तीर्थ के कपाट शनिवार दोपहर दो बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने के इस विशेष अवसर का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से आए 4,000 से अधिक श्रद्धालु घांघरिया पहुंच चुके हैं। इस दौरान सेना बैंड की प्रस्तुति और रागी बंधुओं द्वारा गुरबाणी कीर्तन किया जाएगा। इसके साथ ही इस वर्ष की यात्रा का औपचारिक समापन हो जाएगा।

कपाट बंद होने के समारोह को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह है। हेमकुंड साहिब की यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक हैं। आयोजन में सेना बैंड के साथ रागी बंधु धार्मिक परंपराओं के अनुरूप कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। गुरबाणी कीर्तन के बीच कपाट बंद होने की प्रक्रिया संपन्न होगी।

इस वर्ष के समापन समारोह की खास बात पाकिस्तान से पहुंचे श्रद्धालुओं का 40 सदस्यीय जत्था भी है। यह जत्था भी कपाट बंद होने के अवसर पर मौजूद रहेगा। विभिन्न स्थानों से पहुंचे श्रद्धालुओं की मौजूदगी इस धार्मिक आयोजन को विशेष बना रही है।

समुद्र तल से करीब 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्री हेमकुंड साहिब सिख समुदाय के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है। कठिन पर्वतीय मार्ग और प्रतिकूल मौसम के बावजूद हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां मत्था टेकने पहुंचते हैं। शीतकाल में अत्यधिक बर्फबारी और कठिन मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए हर साल निर्धारित समय पर कपाट बंद कर दिए जाते हैं।

शनिवार को होने वाले समापन समारोह के साथ ही हेमकुंड साहिब और लोकपाल तीर्थ में दर्शन की वार्षिक यात्रा पर विराम लग जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं को अगले यात्रा सीजन में कपाट खुलने का इंतजार रहेगा।