एमबीपीजी छात्रसंघ चुनाव में खर्च पर उठे सवाल, 50 हजार की सीमा के बीच लाखों रुपये खर्च होने की चर्चा

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हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव 2026 को लेकर प्रचार के दौरान हुए कथित खर्च ने चुनावी व्यवस्था और लिंगदोह समिति की सिफारिशों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉलेज में 11 पदों के लिए चुनाव हुआ, जिसमें मतदान के दौरान 12,800 पंजीकृत मतदाताओं में से 4,063 विद्यार्थियों ने वोट डाला। मतदान प्रतिशत 31.74 रहा।

50 हजार रुपये है खर्च की सीमा

एमबीपीजी कॉलेज में एक प्रत्याशी के चुनावी प्रचार पर अधिकतम 50 हजार रुपये खर्च की सीमा निर्धारित है। यह सीमा कॉलेज की 10 हजार से अधिक छात्र संख्या को देखते हुए लागू है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्रचार के दौरान कई प्रत्याशियों के खर्च को लेकर इससे कहीं अधिक रकम खर्च किए जाने की चर्चाएं सामने आईं।

अमर उजाला की रिपोर्ट में कुछ प्रत्याशियों के प्रचार पर 25 से 30 लाख रुपये तक खर्च होने की चर्चा का उल्लेख है। हालांकि, रिपोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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पोस्टर से लेकर सेलिब्रिटी शो तक खर्च की चर्चा

चुनाव प्रचार के दौरान पोस्टर और फ्लेक्स, फूल-मालाएं, वाहनों और पेट्रोल, चाय-समोसे व पानी, ढोल तथा सोशल मीडिया प्रचार जैसी मदों पर खर्च की चर्चा रही। इसके अलावा कुछ प्रत्याशियों से जुड़े सेलिब्रिटी शो और अन्य आयोजनों पर भी लाखों रुपये खर्च किए जाने के दावे सामने आए।

उपलब्ध रिपोर्ट में तीन अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के प्रचार खर्च का अनुमान 25 से 30 लाख रुपये तक बताया गया है। हालांकि, यह आंकड़ा अनुमान और चर्चा पर आधारित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

4,063 वोट, प्रचार में लाखों खर्च का दावा

इस चुनाव में कुल 4,063 विद्यार्थियों ने मतदान किया। यदि डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होने के अनुमान को आधार माना जाए, तो प्रति वोट खर्च करीब ₹3,692 बैठता है। हालांकि, डेढ़ करोड़ रुपये के कुल खर्च का स्वतंत्र या आधिकारिक सत्यापन उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिला है, इसलिए इसे पुष्ट आंकड़े के बजाय अनुमान/दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

वहीं, मतदान के दौरान कॉलेज में सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। 18 बूथों पर मतदान हुआ और पुलिस ने परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में निगरानी के लिए ड्रोन और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया।

लिंगदोह के नियमों को लेकर क्या है स्थिति?

उत्तराखंड में छात्रसंघ चुनावों के लिए लिंगदोह समिति की सिफारिशों के आधार पर राज्य स्तर पर नियमों में संशोधन किए गए हैं। 10 हजार से अधिक छात्र संख्या वाले कॉलेजों के लिए चुनाव खर्च की सीमा 50 हजार रुपये निर्धारित की गई थी। इसलिए एमबीपीजी कॉलेज की 50 हजार रुपये की सीमा को सीधे मूल लिंगदोह समिति की 5 हजार रुपये की सीमा बताना सही नहीं होगा।

अब चुनाव के बाद प्रत्याशियों से खर्च का विवरण लिए जाने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। इसी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तविक चुनावी खर्च कितना रहा और निर्धारित सीमा का कितना पालन हुआ।