गुलदार का नाम सुनते ही कांप उठते हैं लोग, बागेश्वर की प्रेमा-हेमा ने दराती से खदेड़ा; मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

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बागेश्वर। पहाड़ों में गुलदार का नाम सुनते ही लोग सहम जाते हैं, लेकिन बागेश्वर की दो महिलाओं ने गुलदार के अचानक हमले के सामने अदम्य साहस दिखाया। खेत में काम करने के दौरान गुलदार के हमले का सामना करने वाली प्रेमा जोशी और हेमा जोशी ने शोर मचाकर और दराती से मुकाबला कर उसे खदेड़ दिया। दोनों महिलाओं के साहस और सूझबूझ को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।

ग्राम पाटली, तहसील गरुड़ निवासी प्रेमा जोशी और हेमा जोशी को मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान दिखाए गए साहस के लिए गुरुवार को देहरादून स्थित एफआरआई के आईसीएफआरई सभागार में आयोजित वन्यजीव सप्ताह कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।

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खेत में काम करते समय हुआ गुलदार का हमला

जानकारी के अनुसार, 3 सितंबर को बैजनाथ क्षेत्र के पाटली गांव में प्रेमा जोशी कृषि कार्य में जुटी थीं। इसी दौरान अचानक गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। हमले में प्रेमा घायल हो गईं, लेकिन उन्होंने घबराने के बजाय हिम्मत दिखाई।

प्रेमा ने शोर मचाते हुए पास में रखी दराती उठाई और गुलदार का सामना किया। उनके साहस और प्रतिरोध के बीच गुलदार पीछे हटने लगा। इस दौरान हेमा जोशी ने भी शोर मचाकर उनका साथ दिया। दोनों महिलाओं के साहस और एकजुट प्रयास से गुलदार वहां से भाग गया।

साहस की मिसाल बनीं दोनों महिलाएं

गुलदार के हमले जैसी भयावह स्थिति में अपनी सूझबूझ और साहस का परिचय देने वाली प्रेमा और हेमा जोशी का यह कदम मानव-वन्यजीव संघर्ष के बीच ग्रामीणों की सतर्कता और हिम्मत का उदाहरण बना है। उनके साहस को देखते हुए वन्यजीव सप्ताह कार्यक्रम में दोनों महिलाओं को सम्मानित किया गया।