देहरादून | मानसून सीजन को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने बाढ़ और जलभराव से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्यभर में 304 ऐसे स्थलों की पहचान की गई है जो बाढ़ और जलभराव की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील हैं। वहीं, 15 जून से पहले ही 113 बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी गई हैं।
लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने सिंचाई भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि सभी जिलों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। देहरादून स्थित केंद्रीय नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहकर नदियों के जलस्तर और वर्षा की लगातार निगरानी कर रहा है।
सरकार ने मानसून के दौरान सड़कें बंद होने की स्थिति में लोगों को समय रहते सूचना देने और वैकल्पिक मार्ग पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। हर वर्ष प्रभावित होने वाली 1,199 सड़कों के लिए वैकल्पिक रूट चिन्हित किए गए हैं।
बैठक में यह भी बताया गया कि संवेदनशील नदी क्षेत्रों में चैनलाइजेशन का कार्य कराया गया है। हरिद्वार के भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था पूरी कर ली गई है, जबकि जलाशयों के बांधों की लगातार निगरानी की जा रही है। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए बोल्डर, आरबीएम और रेत का पर्याप्त भंडारण भी सुनिश्चित किया गया है।
लोक निर्माण विभाग ने मानसून से पहले सड़क मरम्मत अभियान के तहत 3,946 के लक्ष्य के मुकाबले 3,968 पैचवर्क कार्य पूरे कर लिए हैं। सरकार का उद्देश्य मानसून के दौरान यातायात और जनजीवन को कम से कम प्रभावित होने देना है।




