लैंसडौन विधायक दिलीप सिंह रावत अपने एक बयान को लेकर विवादों में आ गए हैं। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पेशावर कांड के नायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर टिप्पणी की, जिसके बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने विरोध जताया और नाराजगी व्यक्त की।
विवाद बढ़ने के बाद विधायक ने लिखित बयान जारी कर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर राजनीतिक विद्वेष की भावना से प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उनके लिए अत्यंत सम्मानित और प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व हैं।
विधायक ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल वीर चंद्र सिंह गढ़वाली द्वारा देश की आजादी के लिए किए गए संघर्ष, क्रांति और विद्रोह का उल्लेख करना था। उनके अनुसार, बयान का आशय यह था कि किसी भी क्रांति के लिए केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि जुनून, साहस और समर्पण की भी आवश्यकता होती है।
दिलीप सिंह रावत ने लोगों से अपील की कि उनके बयान को उसके वास्तविक संदर्भ में ही देखा जाए और गलत तरीके से प्रसारित की जा रही जानकारी पर विश्वास न किया जाए।
फिलहाल इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा जारी है।




