द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में मानव और वन्यजीव संघर्ष से जुड़ा एक मामला सामने आया है। विकासखंड के गवाड़ गांव में मवेशियों को नुकसान पहुंचाने की शिकायतों के बाद लगाया गया पिंजरा सफल रहा और एक गुलदार उसमें कैद हो गया।
वन विभाग की टीम ने गुलदार को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। अधिकारियों के अनुसार, पकड़ा गया गुलदार नर है और उसकी उम्र करीब दो वर्ष आंकी जा रही है।
मवेशियों को नुकसान पहुंचाने की शिकायतें
गवाड़ गांव और आसपास के क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई थी। ग्रामीणों की ओर से मवेशियों को नुकसान पहुंचाने की शिकायतें सामने आने के बाद वन विभाग ने स्थिति पर नजर रखी और आवश्यक कदम उठाए।
इसके बाद क्षेत्र में पिंजरा लगाया गया, जिसमें गुलदार कैद हो गया। गुलदार के पकड़े जाने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की है।
चिकित्सकीय परीक्षण के बाद रेस्क्यू सेंटर भेजा गया
पिंजरे में कैद होने के बाद गुलदार का चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। उसके स्वास्थ्य की जांच के बाद उसे आगे की देखरेख के लिए मुख्यालय स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजा जा रहा है।
वन विभाग की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गुलदार को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू सेंटर पहुंचाया जाए और उसके स्वास्थ्य पर नजर रखी जाए।
ग्रामीणों को मिली राहत
गुलदार के लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने से ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल था। खासतौर पर मवेशियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं के बाद लोग सतर्क रहने लगे थे।
गुलदार के पिंजरे में कैद होने के बाद ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है। हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों में वन्यजीवों की गतिविधियों को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और जंगल से सटे इलाकों में सावधानी बरतने की अपील की जाती है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष बड़ी चुनौती
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव बस्तियों और जंगलों के करीब होने के कारण कई बार वन्यजीवों का गांवों की ओर आना देखा जाता है। गुलदार के आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास दिखाई देने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ जाती है।
ऐसे मामलों में वन विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। विभाग की टीमें स्थिति का आकलन कर वन्यजीवों की निगरानी करती हैं और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित तरीके से पकड़कर रेस्क्यू सेंटर भेजने जैसी कार्रवाई करती हैं।
निष्कर्ष
अल्मोड़ा के द्वाराहाट क्षेत्र के गवाड़ गांव में मवेशियों को नुकसान पहुंचाने की शिकायतों के बीच एक नर गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। करीब दो वर्ष उम्र के इस गुलदार का चिकित्सकीय परीक्षण किया गया है और उसे मुख्यालय स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजा जा रहा है।
गुलदार के पकड़े जाने से स्थानीय लोगों को राहत मिली है। वन विभाग आगे भी क्षेत्र में वन्यजीव गतिविधियों पर नजर बनाए रखेगा।




