बागेश्वर में सड़क बंद होने से एक घंटे फंसी रही एंबुलेंस, अस्थमा अटैक से जूझ रही महिला के परिजन परेशान

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बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में बारिश के बाद सड़क बंद होने से एक गंभीर स्थिति सामने आई। अस्थमा अटैक से जूझ रही एक महिला मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस करीब एक घंटे तक रास्ते में फंसी रही, जिससे मरीज और उसके परिजनों की चिंता बढ़ गई।

बारिश के कारण मार्ग बाधित होने से एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी। मरीज को समय पर चिकित्सा सहायता तक पहुंचाना जरूरी था, लेकिन सड़क बंद होने के कारण एंबुलेंस को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान महिला के परिजन परेशान और चिंतित नजर आए।

सड़क बंद होने से रुकी आपातकालीन सेवा

बताया जा रहा है कि बारिश के कारण सड़क पर मलबा आने अथवा मार्ग बाधित होने से यातायात प्रभावित हुआ। इसी बीच आपातकालीन मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस भी जाम या बंद सड़क की स्थिति में फंस गई।

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करीब एक घंटे तक एंबुलेंस के फंसे रहने से सवाल उठने लगे कि आपदा या सड़क बाधित होने जैसी परिस्थितियों में गंभीर मरीजों और आपातकालीन वाहनों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

अस्थमा अटैक के कारण परिजनों की बढ़ी चिंता

महिला मरीज के अस्थमा अटैक से पीड़ित होने के कारण परिजनों की चिंता और बढ़ गई। सांस संबंधी गंभीर परेशानी के दौरान समय पर उपचार मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सड़क बाधित होने से एंबुलेंस का लंबे समय तक फंसे रहना परिवार के लिए बेहद तनावपूर्ण स्थिति बन गया।

आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं पर उठे सवाल

इस घटना ने पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, सड़क व्यवस्था और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के मौसम में भूस्खलन और मलबा आने से सड़कें अक्सर बाधित हो जाती हैं, जिसका सीधा असर आम लोगों के साथ-साथ एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं पर भी पड़ता है।

बागेश्वर की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क बंद होने की स्थिति में गंभीर मरीजों और आपातकालीन वाहनों के लिए त्वरित वैकल्पिक व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। समय पर मार्ग खोलना और जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता देना ऐसी परिस्थितियों में सबसे बड़ी चुनौती बना रहता है।