उत्तरकाशी। उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण है। उत्तरकाशी निवासी और भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन गौरव कुंडलिया को ऑपरेशन सिंदूर में सराहनीय सेवाओं और महत्वपूर्ण योगदान के लिए राष्ट्रपति की ओर से ‘मेंशन इन डिस्पैच’ (Mention in Dispatches) सम्मान से नवाजा गया है।
ग्रुप कैप्टन गौरव कुंडलिया को मिले इस सम्मान के बाद उत्तरकाशी जनपद में खुशी का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव की उपलब्धि बताया है।
उत्तरकाशी के ज्ञानसू से भारतीय वायुसेना तक का सफर
ग्रुप कैप्टन गौरव कुंडलिया उत्तरकाशी जिला मुख्यालय के ज्ञानसू क्षेत्र के निवासी हैं। उनके पिता प्रभाकर कुंडलिया और माता संपत्ति कुंडलिया सेवानिवृत्त सरकारी शिक्षक हैं।
गौरव कुंडलिया ने प्रारंभिक शिक्षा मसीह दिलासा स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2003 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) से प्रशिक्षण पूरा किया और वर्ष 2004 में भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन प्राप्त किया।
मिग-21 और सुखोई फाइटर जेट उड़ाने का अनुभव
ग्रुप कैप्टन गौरव कुंडलिया भारतीय वायुसेना के अनुभवी फाइटर पायलटों में शामिल हैं। उन्होंने अपने सैन्य करियर के दौरान मिग-21 और सुखोई लड़ाकू विमानों को उड़ाने का अनुभव हासिल किया है।
ऑपरेशन सिंदूर में उनके सराहनीय योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रपति की ओर से मेंशन इन डिस्पैच सम्मान दिया गया है। यह सम्मान सैन्य सेवाओं में उल्लेखनीय और सराहनीय योगदान देने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है।
उत्तरकाशी में खुशी का माहौल
गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण और कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह रावत ने ग्रुप कैप्टन गौरव कुंडलिया को सम्मान मिलने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
जनप्रतिनिधियों ने उन्हें उत्तरकाशी जनपद और उत्तराखंड का गौरव बताते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
उत्तरकाशी के ज्ञानसू से निकलकर भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन बनने और देश की महत्वपूर्ण सैन्य सेवाओं में योगदान देने तक का गौरव कुंडलिया का सफर उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा है। ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका के लिए मिला राष्ट्रपति सम्मान पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।




