चमोली के कुरुड़ स्थित नंदा धाम से रवाना होगी यात्रा, चौसिंग्या खाडू करेगा अगुआई; 20 सितंबर को होमकुंड से कैलास के लिए होगी विदाई
गोपेश्वर। बारह वर्ष में आयोजित होने वाली मां नंदा देवी की बड़ी जात यात्रा शनिवार को चमोली जिले के कुरुड़ स्थित नंदा धाम से कैलास के लिए रवाना होगी। पांच निर्जन और 21 आबादी वाले पड़ावों से होकर गुजरने वाली 296 किमी की यह धार्मिक यात्रा उत्तराखंड की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है। यात्रा की अगुआई चौसिंग्या खाडू (चार सींग वाला मेढ़ा) करेगा।
296 किमी पैदल तय करेंगे श्रद्धालु
मां नंदा देवी की बड़ी जात यात्रा में श्रद्धालु पैदल ही कैलास की ओर प्रस्थान करेंगे। यात्रा मार्ग में पांच निर्जन और 21 आबादी वाले पड़ाव शामिल हैं। इन पड़ावों से गुजरते हुए श्रद्धालु मां नंदा के प्रति अपनी आस्था और भक्ति व्यक्त करेंगे।
20 सितंबर को होमकुंड से होगी विदाई
यात्रा की परंपरा के अनुसार, चौसिंग्या खाडू को 20 सितंबर को होमकुंड में देवी नंदा के साथ कैलास के लिए विदा किया जाएगा। इस धार्मिक यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।
12 वर्ष बाद आयोजित होती है बड़ी जात
मां नंदा देवी की बड़ी जात यात्रा 12 वर्ष में आयोजित होती है। चमोली के कुरुड़ स्थित नंदा धाम से शुरू होने वाली यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है। शनिवार से शुरू होने वाली यात्रा को लेकर क्षेत्र में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।




