पौड़ी। पौड़ी के वजली गांव में गुलदार के हमले में पांच वर्षीय मासूम की मौत के बाद क्षेत्र में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। घटना से गुस्साए ग्रामीणों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर खांड्यूसैंण के समीप करीब पांच घंटे तक जाम लगाकर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और क्षेत्र में गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने मौके पर जिलाधिकारी और संयुक्त मजिस्ट्रेट के नहीं पहुंचने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब एक परिवार ने अपनी मासूम बच्ची को खो दिया है, तब प्रशासन की ओर से संवेदनशीलता और तत्परता क्यों नहीं दिखाई जा रही है।
ग्रामीणों ने महिला अधिकारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिलाधिकारी और संयुक्त मजिस्ट्रेट दोनों महिलाएं हैं, इसके बावजूद एक मां और महिला के दर्द को समझने के लिए वे मौके पर क्यों नहीं पहुंचीं। प्रदर्शनकारियों ने इसे प्रशासन की उदासीनता बताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
वन मंत्री के खिलाफ भी जताया आक्रोश
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने वन मंत्री के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद भी वन मंत्री ग्रामीणों और पीड़ित परिवार की सुध लेने मौके पर नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रही हैं, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की ओर से अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई जा रही है।
ग्रामीणों ने वन मंत्री के कथित उपेक्षित और उदासीन व्यवहार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधियों को तत्काल पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
पांच घंटे तक बाधित रहा यातायात
खांड्यूसैंण के समीप ग्रामीणों के प्रदर्शन और सड़क जाम के कारण पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर करीब पांच घंटे तक यातायात बाधित रहा। इससे मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते रहे।
मासूम की मौत के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार के हमलों से लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में वन विभाग और प्रशासन को लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।





