खटीमा (ऊधम सिंह नगर)। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के नगला तराई में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मॉडल प्राथमिक विद्यालय का लोकार्पण किया। इस विद्यालय के शुरू होने से सीमांत क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक शिक्षा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध कराई गई शैक्षणिक सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आधुनिक शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव है। सरकार का लक्ष्य केवल विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि बच्चों को ऐसा शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे ज्ञान, कौशल और तकनीकी दक्षता के साथ आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को भी महानगरों के विद्यार्थियों की तरह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं मिलनी चाहिए। आर्थिक या भौगोलिक परिस्थितियां किसी भी बच्चे की शिक्षा और प्रतिभा के विकास में बाधा नहीं बननी चाहिए। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सरकारी विद्यालयों को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने सरकार की विभिन्न शिक्षा संबंधी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण पाठ्य सामग्री और अनुकूल शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने शिक्षकों से भी आह्वान किया कि वे बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
नगला तराई में आधुनिक मॉडल प्राथमिक विद्यालय की शुरुआत को क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय बच्चों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे और अभिभावकों को भी बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर नई उम्मीद जगेगी।
सीमांत क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने की यह पहल विकसित उत्तराखंड के संकल्प को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।





