उत्तराखंड। पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अब बंगथल गांव में भालू की दस्तक ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बीती रात एक भालू ने दो गोशालाओं को निशाना बनाते हुए उनके दरवाजे तोड़ दिए और अंदर बंधे मवेशियों पर हमला कर दिया। इस घटना में एक बैल की मौत हो गई, जबकि एक अन्य बैल और एक गाय गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, विकासखंड के बंगथल गांव में देर रात भालू गोशालाओं तक पहुंच गया। भालू ने सबसे पहले गोशालाओं के दरवाजों को तोड़कर अंदर प्रवेश किया और वहां बंधे मवेशियों पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मवेशियों में अफरा-तफरी मच गई। भालू के हमले में एक बैल ने दम तोड़ दिया, जबकि एक बैल और गाय गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
ग्रामीणों में दहशत, मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता
इस घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। पहाड़ी गांवों में खेती और आजीविका के लिए मवेशी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में गोशालाओं के भीतर घुसकर भालू द्वारा हमला किए जाने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। लोगों को अब दिन के साथ-साथ रात के समय भी जंगली जानवरों के हमले का खतरा सता रहा है।
सड़क जाम कर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
लगातार बढ़ते भालू के आतंक और मवेशियों पर हुए हमले से नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने वन विभाग और संबंधित प्रशासन से क्षेत्र में भालू की सक्रियता पर नियंत्रण लगाने तथा लोगों और मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष और ग्रामीणों की सुरक्षा का मुद्दा सामने ला दिया है। ग्रामीणों को अब वन विभाग से जल्द कार्रवाई और स्थायी समाधान की उम्मीद है।





