देहरादून: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का पहला चरण मंगलवार दोपहर 12 बजे पूरा हो जाएगा। चुनाव आयोग के अनुसार, एसआईआर के तहत प्राप्त 99.9 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। इसके बाद चुनावी प्रक्रिया के अगले चरण में प्रदेशभर के मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण शुरू किया जाएगा।
राज्य में एसआईआर अभियान की शुरुआत 8 जून से हुई थी। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए, उन्हें वापस एकत्र किया और मोबाइल एप के माध्यम से उनका डिजिटाइजेशन किया। मंगलवार के बाद नए गणना प्रपत्र स्वीकार या डिजिटाइज नहीं किए जाएंगे।
मतदाताओं की संख्या के आधार पर बनेंगे नए मतदान केंद्र
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय अब मतदाताओं की संख्या और निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुसार मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण करेगा। जिन केंद्रों पर 1,200 से अधिक मतदाता होंगे, वहां अतिरिक्त मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी मतदाता को मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े।
बढ़ सकती है मतदान केंद्रों की संख्या
वर्तमान में उत्तराखंड में 11,733 मतदान केंद्र हैं। पुनर्निर्धारण के बाद इनकी संख्या में 1,000 से 2,000 तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। यही मतदान केंद्र आगामी विधानसभा चुनाव में उपयोग किए जाएंगे।
14 जुलाई को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची
मतदान केंद्रों के पुनर्निर्धारण के बाद 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी। इसी सूची के माध्यम से मतदाता अपने मतदान केंद्र और अन्य संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।




