रुद्रपुर शहर में चल रहे ई-रिक्शों के अचानक बंद होने की घटनाओं के पीछे एक हैरान करने वाली वजह सामने आई है। जांच में पता चला है कि कुछ स्कूली छात्र प्ले स्टोर से “बैट बीएमएस” नाम का मोबाइल ऐप डाउनलोड कर ब्लूटूथ के माध्यम से ई-रिक्शा के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से कनेक्ट होकर उसे बंद कर रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि स्कूल की छुट्टी के समय सड़कों पर ई-रिक्शों की भीड़ लग जाती है, जिससे जाम की स्थिति बनती है और उन्हें घर पहुंचने में देर होती है। कई छात्रों ने यह भी बताया कि कुछ चालक सड़क के बीच में सवारियां बैठाते-उतारते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। इसी परेशानी से बचने के लिए कुछ बच्चों ने इस ऐप का इस्तेमाल शुरू किया।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह किसी डिजिटल एप का उपयोग करना कानूनन गलत है और इससे गंभीर हादसे हो सकते हैं। ई-रिक्शा चालकों ने भी इस दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
रुद्रपुर के सीओ विभव सैनी ने कहा कि संबंधित ऐप की जांच की जा रही है और लोगों से अपील की है कि इस तरह के एप का गलत इस्तेमाल न करें।
चालकों की रोजी-रोटी पर असर
इस तरह की घटनाएं ई-रिक्शा चालकों के लिए बड़ी समस्या बन गई हैं। कई चालकों ने बताया कि चलते-चलते अचानक रिक्शा बंद हो जाता है, जिससे सवारियां उतर जाती हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
नगर निवासी बॉबी कुमार ने बताया कि उनके ई-रिक्शा को दो बार ऐप के जरिए बंद किया जा चुका है, जिससे सवारियां बीच रास्ते उतर गईं। वहीं मोनू कुमार ने बताया कि उनका ई-रिक्शा अचानक बंद हो गया, जिसे ठीक कराने के लिए उन्हें 1200 रुपये खर्च करने पड़े।
बताया जा रहा है कि अब तक 200 से अधिक ई-रिक्शा चालक इस समस्या से प्रभावित हो चुके हैं और उन्हें तकनीकी लॉक खुलवाने के लिए पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
यह घटना न केवल तकनीक के दुरुपयोग को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि छोटी सी लापरवाही कैसे किसी की रोजी-रोटी पर भारी पड़ सकती है।




