कुमाऊं क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए अमृतपुर बाईपास का निर्माण कार्य जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को बाईपास निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति, स्वीकृत धनराशि और निर्माण कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए और गुणवत्ता व सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।
कुमाऊं कमिश्नर ने दी निर्माण कार्य की जानकारी
निरीक्षण के दौरान कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने मुख्यमंत्री को अमृतपुर बाईपास परियोजना की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि परियोजना के प्रथम चरण के लिए 175.4 लाख रुपये और दूसरे चरण के लिए 469.59 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। बाईपास का निर्माण पूरा होने से क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करने और लोगों को आवागमन में सुविधा देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दो किलोमीटर तक पहाड़ कटान का काम पूरा
परियोजना के तहत अब तक दो किलोमीटर क्षेत्र में सिंगल लेन सड़क के लिए पहाड़ कटान का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही बाईपास को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए 75 मीटर स्पान वाले स्टील पुल का निर्माण भी किया जा रहा है। इस पुल के निर्माण के लिए 1177.93 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
सड़क और पुल का निर्माण इस परियोजना के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। इनके पूरा होने से क्षेत्र में यातायात को सुचारु बनाने और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
अधिकारियों को समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्माण कार्यों का मौके पर निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के अनुसार काम किया जाए। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और श्रमिकों सहित आम लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के दौरान किसी तरह की लापरवाही न हो और परियोजना से जुड़े सभी कार्यों की नियमित निगरानी की जाए।
बाईपास बनने से यातायात व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
अमृतपुर बाईपास परियोजना को क्षेत्र की यातायात व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके निर्माण से जाम की समस्या कम करने, आवागमन को सुगम बनाने और स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ निर्माण कार्य पूरा होने और मार्ग के उपयोग में आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद अब निर्माण कार्यों की गति, गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा के पालन पर नजर रहेगी। परियोजना के समय पर पूरा होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।





