अल्मोड़ा। उत्तराखंड में लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। इसी क्रम में अल्मोड़ा जिले के हवालबाग विकासखंड स्थित उडयूडा गांव में भूस्खलन ने एक परिवार को गहरा सदमा दे दिया। भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों—एक मां और उसके दो बच्चों—की मलबे में दबकर मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल प्रशासन को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद एसडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बचाव दल ने मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
बताया जा रहा है कि बारिश के बाद पहाड़ी क्षेत्र में अचानक हुए भूस्खलन से भारी मात्रा में मलबा नीचे की ओर आ गया। इसकी चपेट में आने से परिवार के तीन सदस्य दब गए। बचावकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक तीनों की जान जा चुकी थी।
एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन टीम ने चलाया बचाव अभियान
घटना के बाद राहत और बचाव कार्य में तेजी लाई गई। एसडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की। बचाव कार्य के दौरान टीमों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
लगातार बारिश और पहाड़ी भूभाग के कारण राहत अभियान चुनौतीपूर्ण रहा। काफी मशक्कत के बाद मलबे में दबे तीनों लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से गांव में मातम
भूस्खलन की इस दर्दनाक घटना ने उडयूडा गांव को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार की मां और उसके दो बच्चों की मौत से परिजनों और ग्रामीणों में गहरा दुख है। गांव में हर कोई इस प्राकृतिक आपदा की भयावहता से स्तब्ध है।
प्रशासनिक और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आसपास के इलाकों में भी भूस्खलन की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
बारिश के दौरान बढ़ जाता है भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानसून और लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन की घटनाओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। भारी बारिश के कारण पहाड़ियों की मिट्टी और चट्टानें कमजोर हो जाती हैं, जिससे अचानक मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आती हैं।
उडयूडा गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान सतर्कता और संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी की जरूरत को उजागर किया है। प्रशासन की टीमें घटना के बाद क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।




