एशियन गेम्स में कपिल पोखरिया का कांस्य पदक, पिता ने कहा—बेटे के लिए यह गोल्ड से कम नहीं

0
4
खटीमा। जापान में आयोजित एशियन गेम्स में खटीमा के चकरपुर-महतगांव निवासी मुक्केबाज कपिल पोखरिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया है। सेमीफाइनल मुकाबले में हार के कारण उनका स्वर्ण पदक जीतने का सपना भले ही पूरा नहीं हो सका, लेकिन कांस्य पदक जीतकर उन्होंने देश के साथ-साथ सीमांत क्षेत्र खटीमा का नाम रोशन किया है।

कपिल की इस उपलब्धि से उनके परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। बेटे की सफलता पर उनके पिता नरेंद्र सिंह पोखरिया ने कहा कि कपिल का कांस्य पदक उनके लिए किसी स्वर्ण पदक से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि कपिल ने लंबे समय तक कड़ी मेहनत, अनुशासन और संघर्ष के बाद यह मुकाम हासिल किया है।

परिवार के अनुसार, कपिल का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने लगातार अभ्यास और कड़ी मेहनत के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना ही उनके लिए बड़ी उपलब्धि है।

Ads

सेमीफाइनल में हार के बाद भी कपिल ने हिम्मत नहीं छोड़ी और प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र के खेल प्रेमियों में भी उत्साह है। स्थानीय लोगों और शुभचिंतकों ने कपिल को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

कपिल की सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, लगन और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकते हैं। खटीमा के इस युवा मुक्केबाज की उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।