इंटरनेट मीडिया के स्टार IAS दीपक रावत, बचपन में बनना चाहते थे ‘कबाड़ीवाला’, यूट्यूब पर 42.4 लाख सब्सक्राइबर्स

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IAS Deepak Rawat Story: अपने अनोखे अंदाज, औचक निरीक्षण और सख्त कार्रवाई के लिए चर्चित हैं कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत, सोशल मीडिया पर भी है जबरदस्त लोकप्रियता

उत्तराखंड। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी दीपक रावत अपनी कार्यशैली और अलग अंदाज के कारण देशभर में पहचान बना चुके हैं। सरकारी कामकाज के दौरान उनके औचक निरीक्षण, अधिकारियों और कर्मचारियों से सवाल-जवाब तथा अनियमितताएं मिलने पर कार्रवाई से जुड़े वीडियो अक्सर इंटरनेट मीडिया पर चर्चा में रहते हैं। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ उनकी लोकप्रियता सोशल मीडिया पर भी देखने को मिलती है। उनके यूट्यूब चैनल पर 4.24 मिलियन यानी करीब 42.4 लाख सब्सक्राइबर्स होने का दावा किया जाता है।

दीपक रावत उत्तराखंड के चर्चित आईएएस अधिकारियों में शामिल हैं। उनकी पहचान केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके व्यक्तित्व, सहज बातचीत और विभिन्न विषयों को लेकर जिज्ञासु स्वभाव की भी चर्चा होती है। यही वजह है कि उनके कामकाज से जुड़े वीडियो बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचते हैं और सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं।

बचपन में कबाड़ीवाला बनने की थी इच्छा

दीपक रावत के जीवन से जुड़ी सबसे दिलचस्प बात उनके बचपन के सपने को लेकर बताई जाती है। कहा जाता है कि बचपन में उनकी रुचि कबाड़ इकट्ठा करने वाले व्यक्ति यानी ‘कबाड़ीवाला’ बनने में थी। यह किस्सा उनके जिज्ञासु स्वभाव और आसपास की चीजों को जानने की रुचि से जोड़कर देखा जाता है।

बचपन में किसी पेशे को लेकर आकर्षण होना असामान्य नहीं है। समय के साथ रुचियां और लक्ष्य बदलते हैं। दीपक रावत की यात्रा भी इस लिहाज से लोगों का ध्यान खींचती है कि उन्होंने आगे चलकर देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा में स्थान बनाया और प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं।

औचक निरीक्षण और कार्रवाई से मिली पहचान

दीपक रावत की लोकप्रियता का एक प्रमुख कारण उनका निरीक्षण करने का अंदाज है। उनके कई वीडियो में बाजारों, सरकारी कार्यालयों और विभिन्न प्रतिष्ठानों में निरीक्षण करते हुए देखा जाता है। इन वीडियो में वह संबंधित लोगों से सवाल पूछते, दस्तावेजों की जानकारी लेते और नियमों के पालन की स्थिति समझते नजर आते हैं।

जहां अनियमितताओं की शिकायत सामने आती है, वहां संबंधित अधिकारियों के माध्यम से जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया पर उनका जोर भी चर्चा में रहता है। उनके इसी अंदाज के कारण सोशल मीडिया पर उन्हें देखने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। हालांकि, किसी भी मामले में कार्रवाई की अंतिम स्थिति संबंधित विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होती है।

यूट्यूब और फेसबुक पर बड़ी फैन फॉलोइंग

इंटरनेट मीडिया के दौर में सरकारी अधिकारियों की कार्यशैली भी आम लोगों तक तेजी से पहुंच रही है। दीपक रावत के निरीक्षण और जनहित से जुड़े कार्यों के वीडियो इसी का उदाहरण हैं। यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर उनके नाम से उपलब्ध वीडियो और पेजों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोग उनके कामकाज को देखते हैं।

उनकी लोकप्रियता का अंदाजा उनके यूट्यूब चैनल के बताए जा रहे 4.24 मिलियन सब्सक्राइबर्स से लगाया जा सकता है। यह संख्या समय के साथ बदल सकती है, इसलिए प्रकाशन के समय आधिकारिक चैनल पर इसकी पुष्टि करना जरूरी है।

प्रशासनिक छवि के साथ संगीत में भी रुचि

दीपक रावत के व्यक्तित्व का एक अन्य पहलू संगीत में उनकी रुचि है। उनके गायन और संगीत से जुड़े वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर सामने आते रहे हैं। इससे उनकी एक ऐसी छवि बनती है, जिसमें प्रशासनिक कार्यों के अलावा व्यक्तिगत रुचियों की झलक भी देखने को मिलती है।

उनके समर्थक उनके स्पष्ट बातचीत के अंदाज, सक्रिय कार्यशैली और अलग व्यक्तित्व की सराहना करते हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर किसी अधिकारी की लोकप्रियता के साथ यह भी महत्वपूर्ण है कि प्रशासनिक कामकाज का मूल्यांकन उसके वास्तविक परिणामों, पारदर्शिता और जनहित पर पड़े प्रभाव के आधार पर किया जाए।

उत्तराखंड में खास पहचान

उत्तराखंड में दीपक रावत का नाम उन अधिकारियों में लिया जाता है, जिनकी कार्यशैली सोशल मीडिया के माध्यम से आम लोगों तक पहुंची है। उनके वीडियो सरकारी व्यवस्था, नियमों के पालन और अधिकारियों की जवाबदेही जैसे विषयों पर लोगों का ध्यान आकर्षित करते हैं।

एक ओर उनकी प्रशासनिक भूमिका है, तो दूसरी ओर सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता। यही दोनों पहलू उन्हें चर्चा में बनाए रखते हैं। बचपन में ‘कबाड़ीवाला’ बनने की इच्छा से जुड़ा किस्सा हो या औचक निरीक्षण के वीडियो, दीपक रावत की कहानी लोगों में उत्सुकता पैदा करती है।

नोट: यूट्यूब सब्सक्राइबर्स की संख्या और बचपन में कबाड़ीवाला बनने से जुड़े किस्से को प्रकाशित करने से पहले उनके आधिकारिक चैनल या विश्वसनीय साक्षात्कार से सत्यापित कर लें।