हल्द्वानी। उत्तराखंड में 40 प्रतिशत दिव्यांगता पर पेंशन देने की व्यवस्था पहले से लागू है। अब केंद्र सरकार के नए नियमों के तहत जन्म से दिव्यांग बच्चों को भी पेंशन का लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है। इस बदलाव से प्रदेश के हजारों दिव्यांग बच्चों को आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार ने दिव्यांग पेंशन के लिए 80 प्रतिशत दिव्यांगता की सीमा को घटाकर 40 प्रतिशत किए जाने का प्रावधान किया है। हालांकि, उत्तराखंड में 40 प्रतिशत दिव्यांगता पर पेंशन देने की व्यवस्था पहले से ही लागू है। ऐसे में प्रदेश के लिए नए नियमों का प्रमुख लाभ जन्म से दिव्यांग बच्चों को पेंशन के दायरे में शामिल किए जाने के रूप में सामने आ सकता है।
जन्म से दिव्यांग बच्चों को मिलेगा आर्थिक संबल
नए नियमों के तहत उम्र संबंधी बाध्यता समाप्त होने से दिव्यांग बच्चों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें बच्चों की देखभाल, उपचार और अन्य आवश्यकताओं पर लगातार खर्च करना पड़ता है।
दिव्यांग बच्चों को नियमित आर्थिक सहायता मिलने से परिवारों को उनकी जरूरतें पूरी करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, पेंशन का लाभ किस आयु वर्ग, पात्रता और अन्य शर्तों के आधार पर दिया जाएगा, इसकी पुष्टि संबंधित सरकारी दिशा-निर्देशों से होगी।
केंद्र सरकार के इस बदलाव से उत्तराखंड में दिव्यांगजनों के लिए पहले से लागू पेंशन व्यवस्था के साथ नए पात्र लाभार्थियों को जोड़ने की संभावना है। इससे प्रदेश के दिव्यांग बच्चों और उनके परिवारों को आर्थिक संबल मिलने की उम्मीद है।





