हल्द्वानी। कुमाऊं क्षेत्र के 50 महाविद्यालयों में हुए छात्रसंघ चुनावों के परिणामों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और निर्दलीय प्रत्याशियों का प्रदर्शन प्रमुख रहा। उपलब्ध चुनाव परिणामों के अनुसार, अध्यक्ष पद की 16 सीटों पर ABVP प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की, जबकि NSUI को छह अध्यक्ष पद मिले। वहीं 25 कॉलेजों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की।
50 कॉलेजों में अलग-अलग तस्वीर
छात्रसंघ चुनावों के परिणामों में कुमाऊं के अलग-अलग जिलों में अलग-अलग तस्वीर देखने को मिली। कई महाविद्यालयों में ABVP प्रत्याशियों ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की, जबकि बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव जीतने में सफल रहे। वहीं NSUI ने भी कुछ कॉलेजों में महत्वपूर्ण जीत दर्ज की।
दिलचस्प बात यह रही कि निर्दलीय जीत दर्ज करने वाले 25 प्रत्याशियों में कुछ ऐसे छात्र भी शामिल हैं, जिनकी पृष्ठभूमि ABVP से जुड़ी रही है। रिपोर्ट के अनुसार, नैनीताल के एमबीपीजी कॉलेज के नवनिर्वाचित निर्दलीय अध्यक्ष आर्यन बेलवाल भी ABVP से जुड़े रहे हैं और टिकट न मिलने के बाद निर्दलीय मैदान में उतरे थे। रामनगर कॉलेज के विजयी प्रत्याशी नीरज कंडारी के बारे में भी ऐसी ही जानकारी सामने आई है।
ऊधमसिंह नगर में NSUI को अध्यक्ष पद नहीं
कुमाऊं के तराई क्षेत्र में भी चुनाव परिणामों में बड़ा अंतर देखने को मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, ऊधमसिंह नगर जिले में NSUI किसी भी अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज नहीं कर सकी। वहीं बागेश्वर में NSUI ने तीन अध्यक्ष पदों पर जीत हासिल की।
बड़े कॉलेजों में भी बदले समीकरण
नैनीताल के एमबीपीजी कॉलेज और डीएसबी परिसर जैसे प्रमुख संस्थानों में परिणामों ने छात्र राजनीति की अलग तस्वीर पेश की। एमबीपीजी कॉलेज में निर्दलीय प्रत्याशी आर्यन बेलवाल अध्यक्ष चुने गए, जबकि कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में चुनावी मुकाबले में ABVP ने अपना प्रत्याशी उतारा था।
कुमाऊं विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में इस बार छात्रसंघ चुनावों में 50 प्रतिशत पद छात्राओं के लिए आरक्षित किए गए थे।
इन परिणामों से कुमाऊं के कॉलेजों में छात्र राजनीति की विविध तस्वीर सामने आई है, जहां ABVP और NSUI के साथ-साथ निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी बड़ी संख्या में अध्यक्ष पदों पर जीत दर्ज की है।




