अर्धकुंभ से पहले हरिद्वार में बदल सकते हैं कई इलाकों के नाम, चमगादड़ टापू होगा ‘गंगाद्वीप’ और रोड़ी बेलवाला ‘हरि वन’

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हरिद्वार। अर्धकुंभ की तैयारियों के बीच हरिद्वार शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों के नाम बदलने का प्रस्ताव सामने आया है। नगर निगम की बोर्ड बैठक में चमगादड़ टापू का नाम ‘गंगाद्वीप’ और रोड़ी बेलवाला का नाम ‘हरि वन’ किए जाने समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई। हालांकि, प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय और आगे की प्रक्रिया संबंधित स्वीकृतियों के बाद ही स्पष्ट होगी।

बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव

नगर निगम हरिद्वार की बोर्ड बैठक 28 सितंबर को ऋषिकुल ऑडिटोरियम में प्रस्तावित थी। बैठक के एजेंडे में केवल नाम परिवर्तन ही नहीं, बल्कि पार्किंग व्यवस्था, विज्ञापन, अतिक्रमण, यातायात प्रबंधन और नगर निगम की संपत्तियों के उपयोग से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल रहे।

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प्रस्तावों को बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद संबंधित क्षेत्रों के नाम बदलने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

चमगादड़ टापू को मिलेगा नया नाम

नगर निगम के प्रस्ताव में चमगादड़ टापू का नाम बदलकर ‘गंगाद्वीप’ किए जाने की बात सामने आई है। यह क्षेत्र हरिद्वार के कांवड़ और धार्मिक आयोजनों से जुड़े प्रमुख इलाकों में शामिल रहा है। जुलाई 2026 में नगर निगम की कांवड़ मेला तैयारियों के दौरान भी चमगादड़ टापू का निरीक्षण किया गया था।

रोड़ी बेलवाला बनेगा ‘हरि वन’

प्रस्तावित नाम परिवर्तनों में रोड़ी बेलवाला का नाम ‘हरि वन’ किए जाने की बात भी शामिल है। रोड़ी बेलवाला क्षेत्र को लेकर पहले से ही पुनर्विकास की योजनाओं पर काम चल रहा है।

जुलाई में हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के तहत करीब ₹58.84 करोड़ की रोड़ी बेलवाला क्षेत्र पुनर्विकास परियोजना का शिलान्यास किया गया था। इसके तहत जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था, पैदल सुविधाएं, निगरानी प्रणाली और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना है।

अर्धकुंभ से पहले बदल रहा हरिद्वार का स्वरूप

हरिद्वार में अर्धकुंभ से पहले बुनियादी ढांचे और श्रद्धालु सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। हरकी पैड़ी, सुभाष घाट और रोड़ी बेलवाला समेत कई क्षेत्रों के पुनर्विकास की योजनाएं इसी व्यापक बदलाव का हिस्सा हैं।

अब नगर निगम बोर्ड से जुड़े प्रस्तावों पर होने वाले निर्णय के बाद यह स्पष्ट होगा कि कौन-कौन से नाम आधिकारिक रूप से बदले जाएंगे और इसकी प्रक्रिया कब से लागू होगी।