मेडिकल कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में, सीमांत जिले के विद्यार्थियों को मिलेगा चिकित्सा शिक्षा का अवसर; क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद
पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल आगे बढ़ रही है। यहां निर्माणाधीन पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 50 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, इसी माह से कक्षाएं भी शुरू होने की तैयारी है। इससे जिले और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बन रहे बहुप्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। कॉलेज शुरू होने से पिथौरागढ़ में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को विस्तार मिलने की उम्मीद है। अब तक चिकित्सा की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर रहने वाले विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र के नजदीक बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
एमबीबीएस की 50 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू
पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस पाठ्यक्रम की 50 सीटों के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी महीने से शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने की तैयारी है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने का रास्ता खुलेगा।
मेडिकल कॉलेज की शुरुआत सीमांत क्षेत्र में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाने की दिशा में भी अहम मानी जा रही है। यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण हासिल करने का अवसर मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
मेडिकल कॉलेज के संचालन से पिथौरागढ़ और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में मदद मिल सकती है।
पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना लंबे समय से महत्वपूर्ण आवश्यकता रही है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज का संचालन स्थानीय लोगों के लिए उपचार की सुविधाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सीमांत जिले के लिए महत्वपूर्ण पहल
पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का शुरू होना जिले में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर पढ़ाई का अवसर मिलेगा और क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल 50 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने और इसी माह कक्षाएं संचालित करने की तैयारी के साथ जिले में मेडिकल कॉलेज के संचालन की दिशा में गतिविधियां आगे बढ़ रही हैं।





