बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर में लापता अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार की बरामदगी को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को नुमाइशखेत मैदान में आयोजित सरस मेले का उद्घाटन करने पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा को अधिवक्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। अधिवक्ताओं ने कार्यक्रम स्थल के मुख्य गेट पर उनका घेराव कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक को बागेश्वर से हटाने की मांग भी उठाई गई।
जानकारी के अनुसार, केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा सरस मेले का उद्घाटन करने के लिए नुमाइशखेत मैदान पहुंचे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता वहां पहुंच गए और लापता अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार का अब तक पता नहीं चलने पर नाराजगी जताई। विरोध कर रहे अधिवक्ताओं ने मुख्य गेट पर धरना दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। अचानक हुए विरोध प्रदर्शन के चलते कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
17 अक्टूबर से लापता हैं अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार
बागेश्वर के तल्ली बाजार निवासी धीरेंद्र सिंह परिहार उर्फ कक्कू पेशे से अधिवक्ता हैं और पूर्व नगरपालिका सभासद भी रह चुके हैं। वह 17 अक्टूबर 2026 से लापता हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों की ओर से उनकी काफी तलाश की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद परिजनों ने पुलिस से शिकायत कर उनकी तलाश करने की गुहार लगाई।
परिजनों के अनुसार, धीरेंद्र के मोबाइल फोन की अंतिम लोकेशन नुमाइशखेत क्षेत्र के आसपास मिली थी। इसके बाद से उनकी तलाश को लेकर परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। उनकी मां नंदी परिहार ने भी पुलिस से बेटे को जल्द खोजने की मांग की है।
एसपी के खिलाफ नारेबाजी, हटाने की उठाई मांग
अधिवक्ताओं ने पुलिस की जांच और अब तक धीरेंद्र परिहार का कोई सुराग नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधीक्षक पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल बागेश्वर से हटाने की मांग की। उनका कहना था कि इतने दिन बीत जाने के बावजूद अधिवक्ता का पता नहीं चलना गंभीर चिंता का विषय है। पुलिस को मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए उनकी सकुशल बरामदगी सुनिश्चित करनी चाहिए।
इससे पहले भी अधिवक्ता की तलाश को लेकर बागेश्वर में विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। 2 नवंबर को अधिवक्ताओं, परिजनों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने एसबीआई तिराहे पर चक्काजाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया था। आंदोलन को स्थानीय विधायक पार्वती दास ने भी समर्थन दिया था। प्रदर्शनकारियों ने जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी थी।
अधिवक्ताओं के आंदोलन से बढ़ा प्रशासन पर दबाव
धीरेंद्र परिहार की गुमशुदगी को लेकर अब मामला केवल परिवार तक सीमित नहीं रहा है। अधिवक्ताओं के साथ स्थानीय व्यापारी, जनप्रतिनिधि और नगरवासी भी उनकी तलाश की मांग को लेकर सामने आ रहे हैं। लगातार हो रहे प्रदर्शनों के चलते पुलिस प्रशासन पर मामले का जल्द खुलासा करने और लापता अधिवक्ता का पता लगाने का दबाव बढ़ रहा है।
फिलहाल अधिवक्ताओं की प्रमुख मांग धीरेंद्र परिहार की जल्द और सकुशल बरामदगी है। उनका कहना है कि जब तक इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।





