उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ और ज्योतिर्मठ के बीच पांडुकेश्वर क्षेत्र की पहाड़ी पर हेलीकॉप्टर दुर्घटनास्थल की जांच करने पहुंची टीम के एक सदस्य की अचानक तबीयत बिगड़ गई। दुर्गम पहाड़ी रास्ते पर अधिकारी की तबीयत बिगड़ने से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) की तीन सदस्यीय टीम पांडुकेश्वर क्षेत्र में हेलीकॉप्टर दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जांच के लिए पहुंची थी। जांच दल ने पांडुकेश्वर में अपना ठिकाना बनाया हुआ था और दुर्घटनास्थल तक पहुंचने के लिए टीम के सदस्य पैदल ही रवाना हुए थे।
लंबे और दुर्गम रास्ते में बिगड़ी तबीयत
दुर्घटनास्थल तक पहुंचने का रास्ता पहाड़ी और जंगलों से होकर गुजरता है। लंबे पैदल सफर और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के एक अधिकारी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। अधिकारी की स्थिति को देखते हुए टीम के अन्य सदस्यों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए मदद मांगी।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीम सक्रिय हुई। पहाड़ी क्षेत्र में रास्ता कठिन होने के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद राहत एवं बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर अधिकारी को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई शुरू की।
पुलिस-SDRF ने संभाला मोर्चा
पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने आपसी समन्वय से रेस्क्यू अभियान चलाया। दुर्गम रास्ते और लंबी दूरी को देखते हुए अधिकारी को सुरक्षित स्थान तक लाने के लिए विशेष सावधानी बरती गई। काफी मशक्कत के बाद टीम ने उन्हें पहाड़ी क्षेत्र से बाहर निकाल लिया।
हेलीकॉप्टर दुर्घटना की जांच के लिए पहुंची थी टीम
गौरतलब है कि AAIB और UCADA की टीम पांडुकेश्वर क्षेत्र में हुए हेलीकॉप्टर हादसे से संबंधित जांच के लिए मौके पर गई थी। दुर्घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति और वहां तक पहुंचने वाले कठिन रास्ते के कारण जांच दल को पैदल सफर करना पड़ रहा था। इसी दौरान यह घटना सामने आई।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस और एसडीआरएफ की तत्परता से अधिकारी को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। घटना ने एक बार फिर उत्तराखंड के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में जांच और राहत कार्यों के दौरान आने वाली चुनौतियों को सामने ला दिया है।





