हल्द्वानी विधायक ने पुलिस पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का लगाया आरोप, मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला होने का भी किया दावा
हल्द्वानी। उत्तराखंड में कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने अपनी जान को खतरा बताते हुए फोन टैपिंग का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में शिकायत किए जाने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। विधायक ने कहा कि मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में भी है, लेकिन अब तक उन्हें अपेक्षित कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। अपनी शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज विधायक ने गैरसैंण में आयोजित होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान आत्मदाह करने तक की चेतावनी दी है।
मीडिया से बातचीत में सुमित हृदयेश ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका फोन टैप किया जा रहा है और इस मामले में शिकायत देने के बाद भी संबंधित पुलिस अधिकारियों ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। विधायक के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में फोन टैपिंग के आरोपों, जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने की संभावना है।
पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
कांग्रेस विधायक ने कहा कि उन्होंने अपनी शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई है। इसके बावजूद मामले में कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि जब उन्होंने अपनी सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा उठाया है, तो संबंधित एजेंसियों को शिकायत की जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
विधायक ने यह भी दावा किया कि मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में है। हालांकि, फोन टैपिंग के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और शिकायत पर पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के संबंध में फिलहाल विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
गैरसैंण विधानसभा सत्र में आत्मदाह की चेतावनी
अपनी शिकायत पर कार्रवाई की मांग को लेकर सुमित हृदयेश ने गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान आत्मदाह करने की चेतावनी दी। उनके इस बयान ने मामले को और गंभीर बना दिया है। आत्मदाह की चेतावनी के बाद प्रशासन और पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि एक जनप्रतिनिधि ने सार्वजनिक रूप से अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका जताई है।
जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया पर नजर
इस पूरे मामले में अब फोन टैपिंग के आरोपों की जांच, विधायक की शिकायत पर पुलिस की कार्रवाई और मुख्यमंत्री कार्यालय की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल, विधायक के आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र पुष्टि या संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति जांच और प्रशासन की ओर से सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।





