चारधाम यात्रा के तहत बुधवार को जानकीचट्टी पहुंचे धनखड़ दंपती; शारीरिक असमर्थता के चलते पूर्व उपराष्ट्रपति मंदिर तक नहीं जा सके, पत्नी ने बारिश के बीच पैदल पहुंचकर की पूजा-अर्चना
बड़कोट/उत्तरकाशी। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बुधवार को अपनी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ के साथ चारधाम यात्रा के तहत उत्तरकाशी जिले के जानकीचट्टी पहुंचे। यहां से यमुनोत्री धाम तक पैदल मार्ग होने के कारण धनखड़ मंदिर तक नहीं जा सके। वहीं, उनकी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ ने रिमझिम बारिश के बीच पैदल यात्रा कर यमुनोत्री धाम पहुंचकर मां यमुना के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की।
दिव्य शिला का पूजन कर मां यमुना से लिया आशीर्वाद
यमुनोत्री धाम पहुंचने के बाद डॉ. सुदेश धनखड़ ने सबसे पहले पवित्र दिव्य शिला का पूजन किया। इसके बाद उन्होंने यमुना मंदिर में पूजा-अर्चना की और मां यमुना के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
पूजा के दौरान उन्होंने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक अनुष्ठान पूरा करने के बाद वह रात्रि विश्राम के लिए वापस जानकीचट्टी लौट गईं।
रिमझिम बारिश के बीच पूरी की पैदल यात्रा
यमुनोत्री धाम की यात्रा के दौरान मौसम भी बदला हुआ था। रिमझिम बारिश के बीच डॉ. सुदेश धनखड़ ने पैदल मार्ग से धाम तक पहुंचकर दर्शन किए। धाम में मौजूद श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों को उनके वहां पहुंचने की जानकारी मिली तो लोगों में भी उत्सुकता नजर आई।
जानकीचट्टी में हुआ स्वागत
जानकीचट्टी पहुंचने पर तीर्थपुरोहितों और पुलिस प्रशासन की ओर से पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ का स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें स्मृति चिह्न भी भेंट किए गए।
बाद में लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में मंदिर समिति के सचिव सुनील उनियाल और कोषाध्यक्ष प्रदीप उनियाल ने धनखड़ से मुलाकात की और उन्हें मां यमुना का प्रसाद व स्मृति चिह्न भेंट किया।
पहली बार यमुनोत्री पहुंचे धनखड़
मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष प्रदीप उनियाल के अनुसार, जगदीप धनखड़ पहली बार मां यमुना के दर्शन के लिए यमुनोत्री धाम के आंचल में पहुंचे हैं। हालांकि, पैदल मार्ग और उनकी शारीरिक असमर्थता के कारण वह मंदिर तक नहीं जा सके।
इससे पहले 2023 में उपराष्ट्रपति पद पर रहते हुए जगदीप धनखड़ गंगोत्री धाम के दर्शन के लिए भी उत्तराखंड पहुंचे थे।
उत्तराखंड से जुड़ा रहा है धनखड़ का आध्यात्मिक सफर
जगदीप धनखड़ की उत्तराखंड यात्रा में धार्मिक स्थलों का यह पहला अवसर नहीं है। उपराष्ट्रपति रहते हुए भी वह राज्य के धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों का दौरा कर चुके हैं। अब पूर्व उपराष्ट्रपति के रूप में पत्नी के साथ यमुनोत्री धाम पहुंचना उनकी उत्तराखंड यात्रा से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण स्मृति बन गया है।
यमुनोत्री में डॉ. सुदेश धनखड़ द्वारा मां यमुना के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ धनखड़ दंपती की चारधाम यात्रा का यह पड़ाव पूरा हुआ।





