नैनीताल। उत्तराखंड में मंगलवार रात अचानक भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। रात करीब 10:23 से 10:24 बजे के बीच प्रदेश के कई इलाकों में धरती हिलने का अहसास हुआ। भूकंप की तीव्रता 4.4 बताई गई है और इसका केंद्र बागेश्वर क्षेत्र में रहा।
भूकंप के झटके बागेश्वर के अलावा रुद्रपुर, चंपावत और आसपास के कई क्षेत्रों में भी महसूस किए गए। रात के समय अचानक आए झटकों के कारण लोग घबरा गए। कई स्थानों पर लोग आनन-फानन में अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए।
अचानक हिलने लगी धरती, घरों से बाहर निकले लोग
मंगलवार रात सामान्य रूप से लोग अपने घरों में थे। इसी दौरान अचानक धरती में कंपन महसूस होने लगा। कुछ लोगों को घरों के दरवाजे, खिड़कियां और अन्य सामान हिलता हुआ महसूस हुआ। कुछ ही देर में लोगों को भूकंप आने का एहसास हुआ और वे सावधानी बरतते हुए घरों से बाहर निकल आए।
रात का समय होने के कारण भूकंप के झटकों से लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों ने आसपास के लोगों से भूकंप के बारे में जानकारी ली और अपने परिचितों को फोन कर स्थिति की जानकारी दी।
बागेश्वर रहा भूकंप का केंद्र
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र बागेश्वर क्षेत्र में बताया गया है। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 दर्ज की गई। भूकंप का असर उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में महसूस किया गया, हालांकि अलग-अलग स्थानों पर झटकों की तीव्रता का अनुभव अलग रहा।
उत्तराखंड भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस होते रहे हैं। ऐसे में रात के समय आए इस भूकंप ने लोगों की चिंता बढ़ा दी।
रुद्रपुर और चंपावत में भी महसूस हुए झटके
भूकंप के झटकों की सूचना रुद्रपुर और चंपावत समेत आसपास के क्षेत्रों से भी सामने आई। मैदानी और पहाड़ी दोनों क्षेत्रों में लोगों ने कुछ समय के लिए कंपन महसूस किया। कई लोगों ने सोशल मीडिया और फोन कॉल के माध्यम से भी एक-दूसरे से इसकी जानकारी साझा की।
भूकंप के बाद लोग अपने घरों की स्थिति देखने के लिए भी बाहर निकले। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
भूकंप के दौरान विशेषज्ञों की सलाह रहती है कि घबराने के बजाय शांत रहें और सुरक्षित स्थान पर जाएं। यदि कोई व्यक्ति घर के अंदर है तो खिड़कियों, भारी सामान और ऐसी वस्तुओं से दूरी बनाना जरूरी है जो गिर सकती हैं। भूकंप के झटके महसूस होने पर लिफ्ट का इस्तेमाल करने से भी बचना चाहिए।
मंगलवार रात आए 4.4 तीव्रता के भूकंप के बाद लोगों में कुछ समय तक दहशत का माहौल रहा। फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।





