उत्तराखंड की आशाओं और चुनौतियों पर मंथन, हल्द्वानी में सीएम धामी करेंगे ‘जागरण विमर्श’ का उद्घाटन

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हल्द्वानी। उत्तराखंड के 25 वर्ष के विकास सफर, उपलब्धियों, संभावनाओं और सामने खड़ी चुनौतियों पर गंभीर मंथन के लिए हल्द्वानी में शुक्रवार, 25 सितंबर को ‘जागरण विमर्श’ का आयोजन किया जाएगा।

उत्तराखंड ने राज्य गठन के 25 वर्षों में पर्यटन, स्वास्थ्य, उद्योग, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार के अवसर, पर्यावरण संरक्षण, शहरी विस्तार और सुनियोजित विकास जैसे मुद्दे अब भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

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इन्हीं विषयों को केंद्र में रखते हुए ‘जागरण विमर्श’ में नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संवाद होगा। मंच पर प्रदेश के वर्तमान विकास मॉडल, भविष्य की संभावनाओं और नीतिगत चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

स्वास्थ्य से रोजगार तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा

विमर्श की शुरुआत ‘स्वास्थ्य : मौजूदा ढांचा और संभावनाएं’ विषय से होगी। इसमें स्वास्थ्य सुविधाओं के वर्तमान ढांचे, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और भविष्य की जरूरतों पर चर्चा की जाएगी।

इसके बाद ‘इंडस्ट्री, रोजगार और कारोबार की सुगमता’ विषय पर संवाद होगा। इसमें उत्तराखंड में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने, उद्योगों को प्रोत्साहित करने और कारोबार के लिए बेहतर माहौल तैयार करने से जुड़े पहलुओं पर चर्चा होगी।

नियोजित विकास और पर्यटन पर भी होगा मंथन

उत्तराखंड में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और निर्माण गतिविधियों के बीच ‘नियोजित विकास बनाम अनियोजित विकास’ भी विमर्श का अहम विषय रहेगा। सड़क, भवन, बाजार, पर्यटन और शहरी विस्तार के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की चुनौतियों पर विशेषज्ञ विचार रखेंगे।

वहीं पर्यटन, मनोरंजन और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषय पर भी चर्चा होगी। धार्मिक पर्यटन के साथ साहसिक, ग्रामीण, सांस्कृतिक और प्रकृति आधारित पर्यटन की संभावनाओं तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था से इनके जुड़ाव पर विचार किया जाएगा।

विकास की प्राथमिकताओं पर मुख्यमंत्री से सीधा संवाद

नैनीताल रोड स्थित होटल आईटीसी फॉर्च्यून वॉकवे मॉल, हल्द्वानी में होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश की विकास यात्रा, प्राथमिकताओं और भविष्य की संभावनाओं से जुड़े विषयों पर संवाद करेंगे। कार्यक्रम अलग-अलग सत्रों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें उत्तराखंड के विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ अपनी बात रखेंगे।

‘जागरण विमर्श’ का उद्देश्य उत्तराखंड के सामने मौजूद चुनौतियों पर चर्चा के साथ-साथ विकास की संभावनाओं और आगे की दिशा पर सार्थक संवाद के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है।