देहरादून | उत्तराखंड सरकार ने प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के स्वयंसेवकों को बड़ी राहत देते हुए नई व्यवस्था लागू की है। अब ड्यूटी या प्रशिक्षण के दौरान बीमार या घायल होकर अस्पताल में भर्ती होने वाले पीआरडी जवानों को उपचार अवधि के दौरान भी मानदेय (Honorarium) दिया जाएगा। इस संबंध में शासन ने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है।
राज्य में लगभग 10 हजार पीआरडी स्वयंसेवक विभिन्न सरकारी विभागों में सेवाएं दे रहे हैं। अब तक अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि में उनका मानदेय रोक दिया जाता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत इस अवधि को ‘ऑन ड्यूटी’ माना जाएगा।
युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि यह फैसला मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप लिया गया है। उन्होंने कहा कि पीआरडी जवान कठिन परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं, इसलिए उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है।
नई एसओपी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती रहने वाले पात्र पीआरडी जवानों को अधिकतम 180 दिनों तक मानदेय दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से ड्यूटी के दौरान घायल या बीमार होने वाले स्वयंसेवकों को आर्थिक राहत मिलेगी और उनका मनोबल भी बढ़ेगा।




