उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा सीजन नजदीक आने के बावजूद इस बार पर्यटन गतिविधियां सुस्त नजर आ रही हैं। उत्तरकाशी जिले में होटल, आश्रम और गेस्ट हाउस में उम्मीद के मुताबिक एडवांस बुकिंग नहीं हो पाई है, जिससे स्थानीय कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।
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Toggleपिछले साल के मुकाबले काफी कम बुकिंग
होटल एसोसिएशन से जुड़े व्यवसायियों के अनुसार इस समय तक केवल 15 से 20 प्रतिशत एडवांस बुकिंग हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 60 से 70 प्रतिशत तक पहुंच गया था। एसोसिएशन अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा ने बताया कि बुकिंग की रफ्तार बेहद धीमी है, जो आने वाले सीजन के लिए चिंताजनक संकेत है।
वैश्विक परिस्थितियों का दिख रहा असर
कारोबारियों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाड़ी देशों में चल रहे संघर्ष और उससे उत्पन्न अस्थिरता का सीधा असर पर्यटन पर पड़ा है। ईंधन संकट और महंगाई के कारण लोगों का ध्यान फिलहाल जरूरी घरेलू खर्चों पर अधिक केंद्रित हो गया है, जिससे तीर्थयात्रा की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
गैस आपूर्ति और व्यवस्थाओं की समस्या
होटल संचालकों को व्यावसायिक गैस सिलिंडर की पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल रही है, जिससे यात्रियों के लिए भोजन व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। यात्रा से जुड़े कारोबारी प्रकाश भद्री और सुभाष कुमांई का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
पंजीकरण नियमों का भी पड़ा असर
चारधाम यात्रा के लिए अनिवार्य पंजीकरण और सीमित संख्या की व्यवस्था का भी होटल और पर्यटन कारोबार पर प्रभाव पड़ा है। इन नियमों के कारण यात्रियों की संख्या सीमित हो रही है, जिससे बुकिंग पर असर पड़ रहा है।
आर्थिक नुकसान की आशंका
यदि जल्द ही बुकिंग की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो चारधाम यात्रा से जुड़े हजारों छोटे और बड़े कारोबारियों को इस सीजन में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।




