कोटद्वार। उत्तराखंड के कोटद्वार क्षेत्र में पाली-बैंड मोटर मार्ग का निर्माण कार्य बीते दो दशकों से अधूरा पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर कटान कार्य होने के बावजूद आगे निर्माण नहीं बढ़ पाया है, जिससे क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
कटान के बाद थम गया निर्माण कार्य, 1.6 किमी तक ही सीमित प्रगति
जयहरीखाल प्रखंड के अंतर्गत ग्राम पाली को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए वर्ष 2003 में लोक निर्माण विभाग द्वारा करीब 1.6 किलोमीटर तक कटान कार्य किया गया था। इसके बाद से सड़क निर्माण की रफ्तार पूरी तरह थम गई। वर्ष 2016 में सड़क विस्तार को मंजूरी मिलने के बावजूद आज तक डामरीकरण का कार्य शुरू नहीं हो सका है।
7 किलोमीटर सड़क प्रस्तावित, फिर भी अधूरी परियोजना
पाली-बैंड मोटर मार्ग को लगभग 7.10 किलोमीटर तक विकसित करने का प्रस्ताव है। तकनीकी स्वीकृति मिलने के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे आवागमन जोखिमभरा बन जाता है।
ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन पर की शिकायत, पलायन बढ़ने का आरोप
सड़क निर्माण में देरी से नाराज ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द कार्य शुरू करने की मांग की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के अभाव में क्षेत्र से पलायन लगातार बढ़ रहा है, जिससे गांवों का विकास प्रभावित हो रहा है।
सुविधाओं के अभाव से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर असर
ग्राम प्रधान प्रीति नेगी और अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई शिकायतों के बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि गांव के विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से सीधा जुड़ा हुआ मुद्दा है।
ग्रामीणों की चेतावनी: जल्द निर्माण नहीं हुआ तो होगा आंदोलन
ग्रामीण सतीश चंद्र बड़थ्वाल ने बताया कि 1980 के दशक से सड़क बनने की उम्मीद की जा रही है, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ। बीमारों को अस्पताल ले जाना भी बड़ी चुनौती बन गया है। वहीं दिनकर बड़थ्वाल ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
विभाग का जवाब: प्रस्ताव मिलने पर होगी कार्रवाई
लोक निर्माण विभाग दुगड्डा के ईई निर्भय सिंह ने बताया कि पूर्व में स्वीकृत मार्ग का निर्माण कराया जा चुका है और फिलहाल कोई नया प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




