उत्तरकाशी। आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। यमुनोत्री धाम मार्ग के प्रमुख पड़ाव भंडेलीगाड़, बम्बूहाट और यमुनोत्री में तीन अत्याधुनिक मेडिकल रिलीफ पोस्ट स्थापित की जाएंगी। इन केंद्रों पर यात्रियों को जीवनरक्षक दवाइयों, ऑक्सीजन, ईसीजी सहित अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
यात्रा मार्ग पर एम्बुलेंस और आपात सेवाएं रहेंगी तैनात
चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा मार्गों पर 16 विभागीय एम्बुलेंस और 108 सेवा की 15 एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी, जिससे यात्रियों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।
35 लाख की लागत से बन रहा प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. रावत के अनुसार, यमुनोत्री धाम में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए करीब 35 लाख रुपये की लागत से प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल भवन का निर्माण किया जा रहा है। यह अस्पताल यात्रा के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और रोटेशन प्रणाली लागू
यात्रा के दौरान बेहतर चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख पड़ावों पर आठ एमबीबीएस डॉक्टरों के साथ एक-एक फिजिशियन की तैनाती की जाएगी। ये डॉक्टर जानकीचट्टी और गंगोत्री धाम में रोटेशन प्रणाली के तहत 15-15 दिनों के लिए सेवाएं देंगे, जिससे लगातार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रह सकें।
स्क्रीनिंग प्वाइंट और स्वास्थ्य मित्रों को किया जा रहा प्रशिक्षित
17 अप्रैल से बड़कोट, दोबाटा और हीना चेकपोस्ट पर स्क्रीनिंग प्वाइंट शुरू किए जाएंगे, जहां यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। इसके अलावा यमुनोत्री और गंगोत्री के पैदल मार्गों पर तैनात स्वास्थ्य मित्रों को दोबारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार दे सकें।
जनपद में बांडधारी डॉक्टरों की भी होगी तैनाती
स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए शासन द्वारा जनपद में 20 बांडधारी डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है। इससे चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।




