Home उत्तराखंड Uttarakhand: हल्द्वानी में करोड़ों रुपये का ड्रग डीलर गिरफ्तार किया गया; मामले...

Uttarakhand: हल्द्वानी में करोड़ों रुपये का ड्रग डीलर गिरफ्तार किया गया; मामले को समझें

18
0

अमेरिका से जमानत पर छूटकर आए हल्द्वानी के अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स माफिया बनमीत नरूला को कई दिनों से ईडी की गिरफ्तारी दी गई है। वह भारत आने के बाद कहां खो गया? ED लंबे समय से हल्द्वानी में था। सूत्रों के अनुसार, ED बनमीत को दो दिन पहले घर पहुंचते ही जांच के लिए अपने साथ ले गया। इसके बाद उसे पकड़ लिया गया।

अमेरिका से जमानत मिलने के बाद बनमीत भारत आया। ईडी ने इसकी सूचना पाते ही बनमीत को खोजने लगी। ED ने पिछले महीने हल्द्वानी में बनमीत के घर पर छापा मारा था। ईडी ने उसके भाई परविंदर सिंह को इस दौरान गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों का दावा है कि बनमीत ने अपने भाई से संपर्क किया था। ED को पता चला कि बनमीत हल्द्वानी आने वाला था। टीम उसके घर में रहकर उसे देख रही थी।

फार्मा फैक्टरी खोली बाद विदेश चला गया था बनमीत
बनमीत १२ वर्ष पहले हल्द्वानी छोड़ गया। इसके बाद वह शादी करने वापस शहर आया। वह शादी करने के बाद भी विदेश में रहा। उसने हल्द्वानी छोड़ने से पहले ही अपने भाई के साथ रुद्रपुर सिडकुल में एक फार्मा कंपनी खोली थी। बनमीत सिंह ने हल्द्वानी में एक निजी स्कूल में पढ़ाई की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सिडकुल में उसकी फैक्टरी को नकली दवा बनाने के चलते बंद कर दिया गया था। बनमीत का परिवार हल्द्वानी में प्रसिद्ध है। उसके पिता सुरजीत सिंह नरूला ने आयरन मैन ऑफ कुमाऊं का खिताब भी जीता है। वहीं, उनकी पत्नी एक डेंटल क्लीनिक कॉलोनी में चलाती हैं।

बनमीत के घर पूर्व में आ चुकी है सीबीआई

जनवरी 2023 में बनमीत ने अमेरिका में दवा तस्करी का अपराध स्वीकार किया। उसके आपराधिक रिकॉर्ड को हल्द्वानी में खंगाला गया। नैनीताल जिले में भी उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। बताते हैं कि अपराध स्वीकार करने के बाद सीबीआई जांच एजेंसी भी उसके घर गई थी।

नरूला बंधुओं पर प्रतिबंधित दवाओं और ड्रग्स तस्करी का आरोप
बनमीत के भाई परविंदर सिंह पर मादक पदार्थों की तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह का नेतृत्व करने के अलावा अन्य आरोप लगाए गए थे। ऐसा आरोप है कि परविंदर द सिंह ऑर्गेनाइजेशन एक अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह है, जो डार्क वेब का उपयोग करके मादक पदार्थ बेचता है, सूत्रों का कहना है। उनका दावा था कि क्रिप्टो करेंसी मादक पदार्थ की बिक्री से मिली। ED ने परमिंदर नरूला के ई-वॉलेट से 268 बिटकॉइन पकड़े। नरूला बंधुओं पर अमेरिका और दुबई में रहकर प्रतिबंधित दवाओं और ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगाया गया है।