चमोली। उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में लगातार हो रही भारी बर्फबारी ने जनजीवन और कार्यों को प्रभावित कर दिया है। तेज बर्फबारी के कारण ग्लेशियर तेजी से खिसक रहे हैं, जिससे बदरीनाथ हाईवे बाधित हो गया है और आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
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Toggleहाईवे बंद होने से लौटे श्रमिक, काम भी ठप
बदरीनाथ धाम में चल रहे मास्टर प्लान के कार्य पिछले दो दिनों से पूरी तरह ठप पड़े हैं। प्रशासन के निर्देश पर श्रमिकों को सुरक्षित स्थान पांडुकेश्वर भेजा जा रहा था, लेकिन कंचन नाले के पास हिमखंड गिरने से हाईवे बंद हो गया। इसके चलते श्रमिकों को बीच रास्ते से वापस बदरीनाथ लौटना पड़ा।
100 से अधिक श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश
धाम में मौजूद 100 से अधिक श्रमिकों और पीआईयू के अभियंताओं को मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए टेंट और टिन शेड से सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
हिमस्खलन का खतरा, पैदल आवाजाही भी जोखिमभरी
पीआईयू के अधिकारियों के अनुसार लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसे में हाईवे को पैदल पार करना भी खतरनाक है, इसलिए सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए श्रमिकों को वापस सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।
दो फीट तक जमी बर्फ, तापमान माइनस में पहुंचा
बदरीनाथ धाम में करीब दो फीट तक बर्फ जम चुकी है, जबकि हेमकुंड साहिब में तीन फीट तक बर्फबारी दर्ज की गई है। क्षेत्र में तापमान माइनस चार डिग्री तक पहुंच गया है, जिससे कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
50 से अधिक गांवों में बर्फबारी, जनजीवन प्रभावित
जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे नीती और माणा घाटी सहित 50 से अधिक गांवों में बर्फबारी हुई है। निचले इलाकों में लगातार बारिश के कारण ठंड बढ़ गई है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। इससे दैनिक जीवन और कार्यों पर भी असर पड़ा है।




