देहरादून। उत्तराखंड में रामगंगा जल विद्युत परियोजना बंद होने के कारण राज्य में बिजली उत्पादन काफी घट गया है। उत्पादन घटकर लगभग 90 लाख यूनिट से गिरकर करीब 70 लाख यूनिट तक पहुंच गया है, जिससे उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) पर बिजली आपूर्ति बनाए रखने का दबाव बढ़ गया है। इसी कारण कई ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में बिजली कटौती भी जारी है।
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Toggleरामगंगा परियोजना बंद होने से उत्पादन पर असर
यूजेवीएनएल की 198 मेगावाट क्षमता वाली रामगंगा जल विद्युत परियोजना का उत्पादन पिछले दो दिनों से बंद है। इसके चलते राज्य के कुल बिजली उत्पादन पर सीधा प्रभाव पड़ा है। वर्तमान में यूजेवीएनएल की 21 जल विद्युत परियोजनाओं में से 19 संचालित हो रही हैं, लेकिन उत्पादन सामान्य स्तर से काफी नीचे चला गया है।
पर्याप्त जल उपलब्ध होने की स्थिति में इन परियोजनाओं से करीब 2.6 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन संभव है, जबकि इन दिनों यह घटकर लगभग 70 लाख यूनिट तक सीमित हो गया है।
पिछले वर्ष की तुलना में उत्पादन में गिरावट
आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष 12 मार्च को राज्य में बिजली उत्पादन करीब 84 लाख यूनिट था, जबकि इस वर्ष इसी तारीख को उत्पादन घटकर लगभग 71 लाख यूनिट दर्ज किया गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ ग्लेशियर पिघलने से नदियों का जलस्तर बढ़ेगा, जिससे बिजली उत्पादन में सुधार होने की उम्मीद है।
नदियों में जलस्तर कम होने से भी उत्पादन प्रभावित
कम वर्षा और कम हिमपात के कारण इस वर्ष कई नदियों में जल प्रवाह कम दर्ज किया गया है। टोंस, यमुना और भागीरथी जैसी नदियों में पानी का स्तर पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम है, जिससे जल विद्युत परियोजनाओं के उत्पादन पर असर पड़ा है।
मांग अधिक, उपलब्धता कम
प्रदेश में इस समय बिजली की मांग करीब 4.5 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है, जबकि उपलब्धता लगभग 2.1 करोड़ यूनिट ही है। इस अंतर को पूरा करने के लिए यूपीसीएल को पावर बैंकिंग और खुले बाजार से बिजली खरीदने की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
शुक्रवार को हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर के ग्रामीण क्षेत्रों और कई छोटे कस्बों में बिजली कटौती की स्थिति बनी रही। हालांकि यूपीसीएल प्रबंधन का कहना है कि उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक बिजली उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
जल्द बढ़ सकता है बिजली उत्पादन
यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल के अनुसार रामगंगा परियोजना का उत्पादन बंद होने से कुल उत्पादन प्रभावित हुआ है। उम्मीद है कि अगले एक-दो दिनों में बिजली उत्पादन बढ़कर 90 लाख से एक करोड़ यूनिट तक पहुंच सकता है। आने वाले समय में नदियों का जलस्तर बढ़ने पर उत्पादन और बेहतर होने की संभावना है।




